Day: November 22, 2024
दुर्गेश मोहन की दो कविताएं
सदृश पुत्री का अवतरण रागिनी की आंखों के तारे विकास की है प्यारी। सम्पूर्ण दुनिया है इसकी ये हैं सबकी न्यारी। मेरी सदृश प्यारी पुत्री का 14 नवंबर को हुआ है अवतरण। इसे प्यार है भारतमाता से कण _,कण। आरज़ू के जन्म से सभी हुए हर्षित। अपना सम्पूर्ण परिवार भास्कर सदृश हुआ उदित। […]
Read More
एक थी मां मीरा, दूजा रासबिहारी, डॉ. राशदादा की दुनिया अजब निराली
पटना। मीरा मां के जन्मदिन पर 18 नवंबर को असंख्य बधाइयां एवं शुभकामनाएं, भारत और भारत के बाहर रह रहे अनेक अनेक मित्रों, सहयोगियों, साथियों एवं साहित्यकारों द्वारा अनवरत सोशल मीडिया पर एवं डॉo राशदादा को फोन पर भी प्राप्त होते रहे।सभी मित्रों को राशदादा का नमन वंदन है एवं प्रार्थना है माँ से […]
Read More
बिहार कोकिला शारदा सिन्हा का स्वर पंचतत्व में भी गूंजा
बिहार के लोक संगीत को विश्व के पटल पर विशिष्ट स्थान दिलाने वाली और अपनी पहचान को प्रसिद्धि में शुमार कराने वाली गायिका थी _शारदा सिन्हा ।वे लोक संगीत की दुनिया में बेमिसाल थीं। आप भोजपुरी ,मैथिली, मगही ,अंगिका ,बज्जिका , हिंदी आदि भाषाओं में निपुण थीं।शारदा सिन्हा बिहार कोकिला और लोक संगीत की […]
Read More
फायकू दिवस (21 नवंबर) पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.अनिल शर्मा ‘अनिल’ से महेश शर्मा की विशेष बातचीत –
वर्ष 21-12-2013 को लोकप्रिय दैनिक,मेरठ से प्रकाशित जनवाणी के प्रथम पृष्ठ पर अमन त्यागी का एक साक्षात्कार प्रकाशित हुआ। आगरा में फरवरी 2013 में आयोजित ताज साहित्योत्सव में सुप्रसिद्ध साहित्यकार अविनाश वाचस्पति ने ‘नयी तकनीक और साहित्य’ विषय पर एक लंबा वक्तव्य दिया था। उन्होंने फायकू की चर्चा करते हुए कहा था- “इंटरनेट फेसबुक पर […]
Read More