Month: July 2025
तुलसीदास : रामकथा के जनसुलभ प्रस्तोता
* डॉ. सम्राट् सुधा किंवदंतियों के अनुसार, बारह महीने तक माता के गर्भ में रहने वाले तुलसी ने जन्म लेते ही राम-नाम का उच्चारण किया था। रामकथा को बनाया जनसुलभ ————– प्रभु श्रीराम की कथा को जन-सुलभ बनाने के लिए तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना की। इसके माध्यम से उन्होंने संपूर्ण […]
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प्रेमचंद को श्रद्धांजलि स्वरूप वेबिनार व अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन
सिलीगुड़ी।”अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) की ओर से प्रेमचंद जयंती को समर्पित श्रद्धांजलि स्वरूप संस्था के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र नाथ शुक्ल की अध्यक्षता एवं संस्थापक सचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में गूगल मीट के माध्यम से प्रथम सत्र में उनकी विभिन्न रचनाओं पर एक वेबिनार एवं द्वितीय सत्र में कवि सम्मेलन का […]
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रोही की रोजड़ी : राजस्थान की माटी से एक प्रेरक संस्मरण संग्रह
पुस्तक समीक्षा मनुष्य के सूक्ष्म मनोविज्ञान ,राजस्थान की सुगंध और किसी भी व्यक्ति की विविध परिस्थितियों को लिए हिन्दी संस्मरण विधा का एक मर्मस्पर्शी संग्रह ‘रोही की रोजड़ी’ जून,2025 में प्रकाशित हुआ है। लेखिका हैं संतोषी। एक कौतूहल हैं ‘रोही’ और ‘रोजड़ी’ ! ये हिन्दी विशेष के पाठकों के लिए अपरिचित शब्द हैं। समीक्षक […]
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महेंद्र अश्क सम्मान समारोह सम्पन्न
जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया यह समारोह नजीबाबाद। प्रसिद्ध शायर महेंद्र सिंह अश्क के जन्मदिन 24 जुलाई के अवसर पर उन्हीं के नाम से उन्हीं के आवास साईं एनक्लेव पर सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। जिसमें प्रथम बार तीन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। डॉ वीरेंद्र पुष्पक को ग़ज़ल के लिए, डॉ मृदुला त्यागी […]
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मीरा मां सहाय को दी गई श्रद्धांजलि
पटना। न्यू जक्कनपुर अवस्थित मीरा मां काव्यांगन में मीरा मां सहाय की पांचवीं पुण्यतिथि श्रद्धा पूर्वक मनाई गई और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।आप जीना चाहता हूं मरने के बाद फाउंडेशन एक भारत की सह संस्थापिका थीं ।आप धर्म परायण महिला एवं समाज सेविका थी।आपने अपने कार्य से समाज को विशेष योगदान दिया। आपके […]
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पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान प्रणाली व्याख्यान शृंखला के अंतर्गत ‘भारतीय शब्द यात्रा’ पर व्याख्यानमाला
पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ (Indian Knowledge System) पर विश्वज्ञानपीठ, प्रयागराज के सहयोग से ‘भारतीय शब्द यात्रा’ पर एक नई अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान शृंखला आयोजित करने जा रही है । प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार ऑनलाइन गूगल मीट पर आयोजित इस शृंखला में प्रतिष्ठित भाषाविद् आचार्य त्रिभुवननाथ शुक्ल व्याख्यान देंगे । इस शृंखला का […]
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पंडित गौरीदत्त (1836 – 8 फ़रवरी 1906)
पंडित गौरीदत्त का जन्म पंजाब प्रदेश के लुधियाना नामक नगर में सन् 1836 में हुआ था। आपके पिता पंडित नाथू मिश्र प्रसिद्ध तांत्रिक और सारस्वत ब्राह्मण थे। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा साधारण ही हुई थी। केवल पंडिताई का कार्य करने तक ही वह सीमित थी। जब आपकी आयु केवल 5 वर्ष की ही थी तब आपके […]
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देवरानी जेठानी की कहानी : पंडित गौरीदत्त (हिंदी उपन्यास)
(हिन्दी का पहला उपन्यास ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ (1870) है अथवा ‘परीक्षागुरु’ (1882), इस पर विद्वानों में मतभेद है। जहॉं डॉ नगेन्द्र और डॉ निर्मला जैन सरीखे विद्वानों ने लाला श्रीनिवासदास के परीक्षागुरु को हिन्दी का पहला मौलिक उपन्यास माना है, वहीं डॉ गोपाल राय व डॉ पुष्पपाल सिंह आदि ने पं गौरीदत्त रचित देवरानी […]
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प्रकाशवीर शास्त्री
प्रकाशवीर शास्त्री (30 दिसम्बर 1923 – 23 नवम्बर 1977) भारतीय संसद के सदस्य तथा आर्यसमाज के नेता थे। उनका मूल नाम ‘ओमप्रकाश त्यागी’ था। वे एक प्रखर वक्ता थे। उनके भाषणों में तर्क बहुत शक्तिशाली होते थे। उनका भाषण सुनने के लिये लोग दूर-दूर से पैदल चलकर आ जाते थे। उनके विरोधी भी उनके प्रशंसक […]
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पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय में “राजभाषा हिंदी और डिजिटल डॉटा संरक्षण” विषय पर 32वीं राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
पुदुच्चेरी, 18 जुलाई 2025- पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा स्वयं-बृहद मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम (SWAYAM MOOC) “भाषा-प्रौद्योगिकी का परिचय” के अंतर्गत 23 जुलाई 2025 बुधवार को 33वीं राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का विषय है- “राजभाषा हिंदी और डिजिटल डॉटा संरक्षण” कार्यशाला की अध्यक्षता हिंदी विभागाध्यक्ष एवं पाठ्यक्रम समन्वयक […]
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