वसंत राशिनकर स्मृति अ. भा. समारोह में हुआ मराठी काव्य प्रतिभा का सम्मान

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” संस्कृति पुरुष वसंत राशिनकर के आपले वाचनालय का रचनात्मक अवदान अतुलनीय व प्रेरणास्पद ”
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इंदौर । शहर की प्रतिष्ठित संस्था आपले वाचनालय के संस्थापक संस्कृति पुरुष वसंत राशिनकर की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले अ. भा. सम्मान समारोह का गरिमापूर्ण आयोजन आपले वाचनालय सभागृह में सम्पन्न हुआ ।
कार्यक्रम के अतिथिद्वय संस्कृतिकर्मी संजय पटेल और मराठी साहित्य अकादमी के पूर्व निदेशक अश्विन खरे ने आपले वाचनालय को संस्कृति संवर्धन और संरक्षण का अद्वितीय केंद्र निरुपित करते हुए वसंत राशिनकर के निस्वार्थ सामाजिक योगदान को आदरपूर्वक याद किया . अध्यक्ष वरिष्ठ कवि डॉ .रवींद्र नारायण पहलवान ने संस्था द्वारा किये जा रहे रचनात्मकता के सम्मान का जिक्र करते हुए अपने उद्बोधन में कवि, मूर्तिकार और समाजसेवी वसंत राशिनकर द्वारा आपले वाचनालय के माध्यम से समाज मे किये गए कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए उनसे अपने आत्मीय संबंधों का जिक्र किया । इसके पूर्व प्रसंग वक्ता के रूप में उपस्थित बैंक के पूर्व एजीएम और वसंत जी के शिष्य रहे किरण
भाटवडेकर ने अपने आत्मीय और भावपूर्ण संबोधन में न सिर्फ वसंतजी के शैक्षणिक समर्पण और शिष्यों के बीच उनकी लोकप्रियता का स्मरण किया वरन उनके शिष्य रहे लोकप्रिय कलाकार अन्नू कपूर के उनके प्रति स्नेह और आदर की एक रोचक घटना का जिक्र किया ।उन्होंने वसंत जी को शहर की सांस्कृतिक धरोहर निरूपित किया ।
आपले वाचनालय व श्री सर्वोत्तम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मान समारोह में वर्ष 24 के लिए पुणे के वरिष्ठ गजल अध्येता और गजलकार डॉ.अविनाश सांगोलेकर को समारोह के सर्वोच्च सम्मान कविवर्य वसंत राशिनकर स्मृति अ. भा. सम्मान से सम्मानित किया गया । उल्लेखनीय कृतियों को दिए जाने वाले वसंत राशिनकर काव्य साधना अ. भा. सम्मान
24 से नासिक से आए प्र .द. कुलकर्णी , बीड़ के संतोष विट्ठल घसिंग , नासिक की जयश्री वाघ , धूलिया के प्रेमचंद
अहिरराव , सिंधुदुर्ग की सरिता पवार के अलावा सोलापुर के हेमकिरण पत्की , उस्मानाबाद की अलका सपकाळ,मुंबई की भारती बिर्जे डिग्गीकर और आंबेगाव के तान्हाजी रामदास बोऱ्हाडे को सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर अच्युत पोतदार प्रदत्त रामू भैया दाते स्मृति पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि पाने वाली गीत भालेराव को प्रदान किया गया ।पूर्वार्द्ध के कार्यक्रम का सुचारू संचालन श्रीति राशिनकर ने किया .
उत्तरार्ध में वरिष्ठ कवि डॉ. अनिल गजभिये की अध्यक्षता में प्रभावी मराठी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । इस काव्य यात्रा में समारोह में सम्मानित देश के कवियों के अलावा इंदौर के मनीष खरगोणकर, अतुल केकरे , जया गाडगे , सुषमा अवधूत , ज्ञानेश्वर तीखे , मदन बोबडे , दीपक शिराळकर , श्रीनिवास कुटुंबले , अरुणा खरगोणकर , वैजयंती दाते ने अपनी विविध रंगी कविताओं से श्रोताओं को अभिभूत किया । कवि सम्मलेन का रोचक संचालन किया उमेश थोरात ने।
सरस्वती प्रतिमा और वसंतजी की चित्र पर माल्यार्पण के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम मे
अनिल धडवाईवाले का अमृत महोत्सवी सम्मान किया गया ।
अतिथियों का स्वागत किया सर्वश्री शिशिर उपाध्याय , मधुसूदन तपस्वी ने और अंत में संदीप राशिनकर और सभा ने आपले वाचनालय के अध्यक्ष स्वर्गीय सतीश
येवतिकर , डॉ.शशिकांत तांबे और स्व.अच्युत पोतदारजी को श्रद्धांजलि अर्पित की । इस अवसर पर कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सुधि श्रोता उपस्थित थे।

प्रस्तुति_

दुर्गेश मोहन
बिहटा, पटना (बिहार)

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