प्रेमचंद को श्रद्धांजलि स्वरूप वेबिनार व अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

 

सिलीगुड़ी।”अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) की ओर से प्रेमचंद जयंती को समर्पित श्रद्धांजलि स्वरूप संस्था के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र नाथ शुक्ल की अध्यक्षता एवं संस्थापक सचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में गूगल मीट के माध्यम से प्रथम सत्र में उनकी विभिन्न रचनाओं पर एक वेबिनार एवं द्वितीय सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सबसे पहले डॉ. अजय साव ने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों व कवियों का बड़े ही पांडित्यपूर्ण ढंग से स्वागत किया। उसके बाद मुजफ्फरपुर के लोकगायक श्री महेश ठाकुर ने लोकगीत के माध्यम से उद्घाटन गीत प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. ब्रज नंदन किशोर, पूर्व विभागाध्यक्ष, डी.ए.वी.स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, सिवान, भारत ने प्रथम सत्र में प्रेमचंद की रचनाओं पर आयोजित वेबिनार का विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि प्रेमचंद को समझने के लिए उनकी रचनाओं की अंतर्ध्वनि को समझना होगा।
उसके बाद प्रेमचंद की विभिन्न रचनाओं पर देश-विदेश के विद्वानों ने अपने बहुमूल्य विचार रखें। जिनमें विशिष्ट अतिथियों के रूप में शामिल प्रो. डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी,  दक्षिण एशियाई भाषा व संस्कृति विभाग, क्वांगतोंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय चीन ने “स्वाधीनता आंदोलन और प्रेमचंद का साहित्य”, प्रो.डॉ. कंचन शर्मा, बुल्गारिया ने “प्रेमचंद और उनका नाटककार”, प्रो. डॉ. शिव प्रकाश शुक्ल, हिंदी  विभाग, इलाहाबाद  विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने “प्रेमचंद के साहित्य में भारतीय समाज” आदि विषयों पर तुलनात्मक ढंग से अपने विचार व्यक्त किये।
द्वितीय सत्र कवि सम्मेलन में देश-विदेश के कवियों ने प्रेमचंद को अपनी कविताओं के माध्यम से भावनात्मक श्रद्धांजलि अर्पित कीं। जिनमें सबसे पहले विशिष्ट अतिथि के रूप श्री शांति प्रकाश उपाध्याय, सिंगापुर, सिमी कुमारी, ओमान, कारमेन सुयश्विदेवी जानकी, सूरीनाम, सांद्रा लुटावन, सूरीनाम, शिखा रस्तोगी, थाईलैंड एवं श्री सुरेश पांडेय, स्वीडन ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
उसके बाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं जिनमें प्रमुख रूप से जयप्रकाश अग्रवाल, काठमांडू,नेपाल,
डॉ. ओमप्रकाश पांडेय, सिलीगुड़ी, अर्चना आर्याणी, सीवान, डॉ. कमलेश शुक्ला, कीर्ति, कानपुर, डॉ. लोकेश शर्मा, भरतपुर, राजस्थान, पुतुल मिश्रा,  गुंजन गुप्ता, मोहन महतो,  सुश्री ममता, सिलीगुड़ी, इंदु उपाध्याय, पटना, सुखदेव शर्मा, बदांयू, सुधा पांडेय, पटना, संदीप सक्सेना, जबलपुर, डॉ. शारदा प्रसाद दुबे, शरदचंद्र, ठाणे, मुंबई, अर्पणा सिंह, रांची, अमर बानियां लोहोरो, गांगटोक,
बापी नागवार, अलीपुरद्वार, प्रो. डॉ.अर्जुन चह्वाण, कोल्हापुर, महाराष्ट्र, दिलीप कुमार शर्मा, देवास, मध्यप्रदेश, जयश्री पोद्दार, कोलकाता आदि के नाम शामिल हैं।
कार्यक्रम के अंत में इस अवसर पर प्रस्तुत सभी रचनाओं पर मुख्य अतिथि द्वारा संक्षिप्त रूप से सारगर्भित आलोचनात्मक टिप्पणियों के बाद डॉ. भीखी प्रसाद “वीरेंद्र” सिलीगुड़ी ने सबके प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्रस्तुति _दुर्गेश मोहन
बिहटा, पटना (बिहार)

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