8 अक्तूबर को पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय में ‘हिंदी भाषा और साहित्य के अनुसंधान में डिजिटल मानविकी की भूमिका’ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

 

पुदुच्चेरी, 06 अक्तूबर 2025 – पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा स्वयं-बृहद मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम (SWAYAM MOOC) ‘भाषा-प्रौद्योगिकी का परिचय’ के अंतर्गत 8 अक्तूबर, 2025 बुधवार को 44वीं राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।   इस कार्यशाला का विषय है- हिंदी भाषा और साहित्य के अनुसंधान में डिजिटल मानविकी की भूमिका’ ।

कार्यशाला में वक्ता एवं प्रशिक्षक के रूप में पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ० सी. जय शंकर बाबु करेंगे, जो कंप्यूटरीय भाषा-विज्ञान के प्रतिष्ठित विद्वान हैं। यह आयोजन भाषा अध्ययन में उन्नत तकनीकी समावेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसमें हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के तकनीकी उन्नयन के साथ-साथ इनके डिजिटल संरक्षण पर भी प्रस्तुति के माध्यम से विस्तृत चर्चा की जाएगी।

डिजिटल मानविकी (Digital Humanities) मानविकी और प्रौद्योगिकी के संगम का वह क्षेत्र है जो भाषा, साहित्य और संस्कृति के अध्ययन के नए आयाम खोलता है। यह कार्यशाला हिंदी भाषा और साहित्य के अनुसंधान में डिजिटल मानविकी की अवधारणा, उपकरणों और पद्धतियों से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।  कार्यशाला में प्रतिभागी यह जान सकेंगे कि किस प्रकार डिजिटल परिवेश, पाठ खनन औज़ार (टेक्स्ट माइनिंग टूल), कॉर्पस निर्माण और डॉटा दृश्यांकन जैसी तकनीकें हिंदी अनुसंधान को समृद्ध कर सकती हैं।  इसमें डिजिटलीकरण, भाषा-संसाधन निर्माण और मानविकी शोधकर्ताओं के तकनीकी कौशल-विकास से जुड़ी चुनौतियों पर भी विचार किया जाएगा। यह कार्यशाला हिंदी के विद्वानों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के बीच संवाद और सहयोग का मंच प्रदान करेगी, जिससे भारतीय भाषाओं के लिए एक समावेशी डिजिटल शोध-पर्यावरण का निर्माण हो सके। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों को हिंदी अनुसंधान में डिजिटल मानविकी के व्यावहारिक उपयोग की स्पष्ट समझ और दिशा प्राप्त होगी।

हिंदी व अन्य भाषाओं में अनुसंधान में रुचि रखने वाले विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों के शिक्षक, अनुसंधानकर्ता आदि इस कार्यशाला से लाभान्वित हो सकते हैं ।  अनुसंधान के क्षेत्र में 21वीं सदी के डिजिटल तकनीकों के प्रयोग के कौशल संवर्धन में यह कार्यशाला महत्वपूर्ण है ।

ज्ञातव्य है कि डॉ. सी. जय शंकर बाबु पिछले साल राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के कर कमलों से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं ।  पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय ने भी श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से इन्हें चार बार नवाजा है ।  डॉ. बाबु कई बहुविषयी नवाचार पाठ्यक्रमों का विकास कर चुके हैं जिसका उद्देश्य छात्रों का कौशल संवर्धन और कैरियर विकास है ।

कार्यशाला के सह-संयोजक एवं संचालक के रूप में श्री उमेश कुमार प्रजापति ‘अलख’, अनुवाद अधिकारी और डॉ० अनुपमा कपूर, प्रवक्ता हिंदी, दिल्ली शिक्षा विभाग, नई दिल्ली सत्र का संचालन और प्रतिभागियों से संवाद करेंगे।

यह कार्यशाला ऑनलाइन माध्यम से शाम 6:00 बजे (भारतीय समयानुसार) आयोजित की जाएगी। गूगल मीट के माध्यम से कार्यशाला से जुड़ने का लिंक: https://meet.google.com/art-tauu-pmo

यह आयोजन स्वयं (SWAYAM MOOC) पहल के अंतर्गत अब तक आयोजित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाओं की श्रृंखला एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य देश भर के विद्यार्थियों, अध्येताओं, भाषा चिंतकों, विद्वानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और प्रौद्योगिकीय शिक्षा उपलब्ध कराना है। अधिक जानकारी हेतु पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय की आधिकारिक बेवसाइट पर इस लिंक: www.pondiuni.edu.in के माध्यम से देखा जा सकता है। कार्यशाला में भागीदारी के लिए निःशुल्क पंजीकरण लिंक: https://t.ly/LnFNS

पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय का हिंदी विभाग,  स्वयं बृहद् मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम (SWAYAM MOOC) के माध्यम से भाषा-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है ।  जनवरी 2025 सत्र में ही 1500 से अधिक पंजीकरण यह दर्शाता है कि यह हिंदी-माध्यम पाठ्यक्रम राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है।

इस कार्यशाला के संयोजक डॉ० सी. जय शंकर बाबु ने इस ज्ञान महायज्ञ का लाभ उठाने के लिए सभी को सादर आमंत्रित किया है।

 

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