तृतीय राष्ट्रीय साहित्य समारोह 2025 : बिजनौर के अनिल और अमन हुए सम्मानित

 

12 अक्टूबर 2025 ( मुरादाबाद ) , युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच उ.प्र. इकाई, महाराजा हरिशचंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय मुरादाबाद एवं साहित्यिक मुरादाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तृतीय राष्ट्रीय साहित्य समारोह 2025 सकुशल संपन्न हो गया। युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच उ.प्र इकाई के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेश कुमार सिंह श्रेयस के संयोजन में आयोजित इस साहित्यिक समारोह में उत्तर प्रदेश की अतिरिक्त मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़,नई दिल्ली से पधारे साहित्यकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ प्रारंभ हुआ।

 

लखनऊ से पधारे प्रख्यात गीतकार श्री मनीष मगन ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति की । युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच उ.प्र. इकाई के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार सिंह श्रेयस, उपाध्यक्ष डॉ. मुहम्मद जावेद, प्रदेश महासचिव श्री नंदकिशोर वर्मा जलदूत, विश्व लोक साहित्य कला मंच के प्रख्यात साहित्यकार डॉ. महेश दिवाकर ने कार्यक्रम में पधारे अतीत साहित्यकारों को अंग वस्त्र पहनाकर एवं सम्मान पत्र प्रदान कर स्वागत किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवन के सभागार में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम, तीन सत्रों में संपन्न हुआ।

 

प्रथम उद्घाटन सत्र : इस सत्र की अध्यक्षता युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच की केंद्रीय इकाई के अध्यक्ष श्री राम किशोर उपाध्याय ( पूर्व आई.आर.ए.एस ) ऑफीसर ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. राम बहादुर मिश्र अध्यक्ष,अवधी शोध संस्थान एवं संपादक त्रिभाषा ( हिन्दी,अंग्रेजी, अवधी ) केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ राजेश श्रीवास्तव निदेशक रामायण केंद्र भोपाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण मध्य प्रदेश शासन, तथा श्री महेंद्र भीष्म,प्रख्यात साहित्यकार एवं निबंधक सह प्रधान सचिव उच्च न्यायालय खंडपीठ, लखनऊ, श्री राकेश शुक्ला ने प्रतिभाग किया ।
अंतर्राष्ट्रीय साहित्य कला मंच के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. महेश दिवाकर, वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार, तथा साहित्यिक मुरादाबाद के संस्थापक डॉ. मनोज रस्तोगी, वरिष्ठ साहित्यकार एवं दार्शनिक डॉ.जयप्रकाश तिवारी लखनऊ, उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. संदीप बडोला, महाकवि जयशंकर प्रसाद की त्रिपाठी एवं जयशंकर प्रसाद ट्रस्ट वाराणसी की अध्यक्ष डॉ. कविता कुमारी प्रसाद ने विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच उत्तर प्रदेश इकाई के संरक्षक श्री चंद्रेश्वर प्रताप सिंह बिलासपुर,छत्तीसगढ़, एवं वरिष्ठ साहित्यकार एवं अभियोजन अधिकारी चंदौसी, संभल श्री राकेश शुक्ला ( पी.सी. एस.), डॉ. नरेन्द्र कुरैचया, जिला क्षय रोग अधिकारी , श्री दीपक गोस्वामी ‘चिराग ‘ एवं अमर कुमार श्रीवास्तव , का भी सानिध्य प्राप्त हुआ।

सर्वप्रथम इस कार्यक्रम में श्री राजेश कुमार सिंह श्रेयस के शीघ्र प्रकाश्य उपन्यास “अचानक डूबता सूरज उग आया” के आवरण पृष्ठ का विमोचन किया गया।
उद्घाटन सत्र में श्री चंदेश्वर प्रताप सिंह के अतिरिक्त श्री राम किशोर उपाध्याय नई दिल्ली, डॉ राजेश श्रीवास्तव भोपाल, डॉ मनोज रस्तोगी मुरादाबाद, डॉ. संदीप बडोला मुरादाबाद ने कार्यक्रम में पधारे अतिथि साहित्यकार एवं अन्य साहित्य प्रेमियों को संबोधित किया। उद्घाटन सत्र के समापन पर श्री नंदकिशोर वर्मा जलदूत साहित्यकारों एवं श्रोताओं के प्रति आभार ज्ञापित किया ।
उद्घाटन सत्र के बाद अकादमिक सत्र का शुभारंभ दो भाग में हुआ।

 

परिसंवाद सत्र -1 की अध्यक्षता प्रख्यात उपन्यासकार श्री महेंद्र भीष्म, लखनऊ ने की ।
इस सत्र में दो साहित्यकारों महाकवि जयशंकर प्रसाद एवं प्रवासी साहित्यकार रामदेव धुरंधर मॉरीशस के साहित्य पर चर्चा हुई ।
प्रथम साहित्यकार जयशंकर प्रसाद पर परिसंवाद का विषय था ” जयशंकर प्रसाद एवं छायावाद युग का परावर्तन प्रवर्तन ” । इस सत्र की मुख्य वक्ता महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपोत्री, डॉ कविता कुमारी प्रसाद रहीं। इस सत्र में जयशंकर प्रसाद की रचना का पाठ गीतकार श्री रामसनेही विश्वकर्मा ‘सजल’जी द्वारा किया गया।
द्वितीय साहित्यकार प्रवासी साहित्यकार रामदेव धुरंधर, पर परिसंवाद का विषय था ” गद्य क्षणिकाओं के प्रस्तोता प्रवासी साहित्यकार रामदेव धुरंधर (मॉरीशस)का हिंदी साहित्य में अवदान । इस सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्य का डॉ. महेश दिवाकर ने रामदेव धुरंधर ( मॉरीशस ) के साहित्य पर अपना वक्तव्य दिया ।
सत्र के अंत में डॉ महेंद्र भीष्म ने अपना अध्यक्षीय संबोधन दिया
इसी प्रकार परिसंवाद सत्र -2 की अध्यक्षता डॉ जयप्रकाश तिवारी लखनऊ ने की । इस सत्र में जिन दो साहित्यकारों पर चर्चा हुई उनमें एक डॉ. विश्व अवतार जैमिनी और दूसरे साहित्यकार डॉ. मक्खन मुरादाबादी थे ।
डॉ विश्व अवतार जैमिनी पर परिसंवाद का विषय था ” हिंदी साहित्यकार डॉ विश्व अवतार जैमिनी और उनका साहित्य ” इस विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मनोज रस्तोगी ने डॉ. जैमिनी के साहित्य पर बड़े ही गहराई से प्रकाश डाला ।
मुरादाबाद की प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ प्रियंका गुप्ता ने विश्व अवतार डॉ. जैमिनी जी की एक रचना का पाठ किया ।

 

सत्र के दूसरे साहित्यकार डॉ मक्खन मुरादाबादी पर परिसंवाद का विषय था ” डॉ.मक्खन मुरादाबादी के काव्य में सामाजिक चेतना” । इस विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में श्री अमन कुमार त्यागी, ने अपना सारगर्भित संबोधन किया।
डॉ मक्खन मुरादाबादी जी की एक रचना का पाठ वरिष्ठ गीतकार श्री मयंक शर्मा जी ने बड़े ही सुंदर ढंग से किया ।
अंत में इस सत्र की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जयप्रकाश तिवारी ने अपने अध्यक्षीय के संबोधन में दोनों ही साहित्यकारों पर बड़े ही प्रभावी ढंग से अपना साहित्यिक व्याख्यान दिया ।
कार्यक्रम का अंतिम काव्यांजलि सत्र की अध्यक्षता श्री नंदकिशोर वर्मा जलदूत में किया । वहीं मुख्य अतिथि के रूप में मुरादाबाद के प्रसिद्ध गीतकार एवं गजलकार डॉ.कृष्ण कुमार नाज़ ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। इसके अतिरिक्त के दो अति विशिष्ट अतिथि युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच के राष्ट्रीय महासचिव श्री ओम प्रकाश शुक्ला एवं राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान उत्तर प्रदेश के कोषाध्यक्ष श्री हरि प्रकाश अग्रवाल हरि जी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन संचालन प्रसिद्ध गीतकार श्री मनीष मगन लखनऊ ने किया । काव्यांजलि सत्र में सरस्वती वंदना का पाठ श्री रामसनेही विश्वकर्मा सजल, लखनऊ ने किया इनके अतिरिक्त श्री वीरेंद्र सिंह बृजवासी मुरादाबाद,डॉ. प्रेमवती उपाध्याय मुरादाबाद श्री योगेंद्र वर्मा व्योम मुरादाबाद, श्री अखिलेश द्विवेदी लखनऊ, श्री अनिल शर्मा अनिल धामपुर बिजनौर, श्री आकाश अथर्व नई दिल्ली, श्री मृदुल कुमार सिंह मृदुल अलीगढ़,श्री आयुष यादव उन्नाव एवं श्री पीयूष सिंगर अलीगढ़ ने बड़े सुन्दर ढंग से काव्य पाठ करते हुए श्रोताओं का मन मोह लिया । अपने संबोधन में लव का साइंटिफिक मंत्र इकाई के महासचिव की ओमप्रकाश शुक्ल ने आज आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन में उत्तर प्रदेश इकाई को सर्वश्रेष्ठ राज्य इकाई के रूप में सम्मानित किए जाने की घोषणा की ।
प्रत्येक वर्ष की बात इस वर्ष भी युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच उप्र इकाई ने दो हिंदी शोधार्थियों सर्व श्री दुष्यंत कुमार, महात्मा ज्योतिबा फुले,रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली एवं श्री शिव शरण द्विवेदी सरदार पटेल विश्वविद्यालय विद्यानगर आनंद गुजरात को सम्मान एवं प्रतिभाग प्रमाण पत्र प्रदान किये ।
कार्यक्रम में चार प्रकार के सम्मानों के द्वारा कुल चालिस साहित्यकारों एवं समाज के अन्य विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
डॉ.विश्व अवतार जैमिनी युवा उत्कर्ष साहित्य कमल सम्मान 2025 से तेरह साहित्यकारों को, लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सात साहित्यकारों को, मक्खन मुरादाबादी युवा उत्कर्ष साहित्य सम्मान 2025 से अट्ठारह साहित्यकारों को एवं युवा उत्कर्ष शोधार्थी सम्मान 2025 से दो हिन्दी छात्रों को सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम के अंत में महाराजा हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रबंधक, जैमिनी साहित्य फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं रोटरी क्लब के मंडल अध्यक्ष डॉ. काव्य सौरभ जैमिनी ने जनपद में आए हुए साहित्यकारों का स्वागत करते हुए, आभार व्यक्त किया एवं जल्दी जनपद में एक साहित्यिक कार्यक्रम करने की घोसड़ा की।
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम के स्थानीय संयोजक एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मुहम्मद जावेद ने कार्यक्रम में पधारने वाले अतिथि साहित्यकारों, साहित्य प्रेमियों एवं मीडिया के साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

डॉ. मुहम्मद जावेद
उपाध्यक्ष,युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच उत्तर प्रदेश इकाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

News

भोपाल ने दिया डॉ. वीरेंद्र कुमार भारद्वाज को तुलसी साहित्य-सम्मान

  पटना । तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा 25वें अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में पटना, बिहार के डॉ. वीरेंद्र कुमार भारद्वाज को तुलसी साहित्य-सम्मान— 2025 से नवाजा गया। डॉ. खेमसिंह डहेरिया, सभापति निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, भोपाल, डॉ. नरेश कुमार तिवारी, शिक्षाविद् डॉ. प्रभा मिश्रा, डॉ. राजेश श्रीवास्तव, निदेशक, रामायण केंद्र, श्री पवन […]

Read More
News

बिहार कोकिला शारदा सिन्हा का स्वर पंचतत्व में भी गूंजा

    बिहार के लोक संगीत को विश्व के पटल पर विशिष्ट स्थान दिलाने वाली और अपनी पहचान को प्रसिद्धि में शुमार कराने वाली गायिका थी _शारदा सिन्हा ।वे लोक संगीत की दुनिया में बेमिसाल थीं। आप भोजपुरी ,मैथिली, मगही ,अंगिका ,बज्जिका , हिंदी आदि भाषाओं में निपुण थीं।शारदा सिन्हा बिहार कोकिला और लोक संगीत […]

Read More
News

वसंत राशिनकर स्मृति अ. भा. समारोह में हुआ मराठी काव्य प्रतिभा का सम्मान

—————————————- ” संस्कृति पुरुष वसंत राशिनकर के आपले वाचनालय का रचनात्मक अवदान अतुलनीय व प्रेरणास्पद ” ————————————————————– इंदौर । शहर की प्रतिष्ठित संस्था आपले वाचनालय के संस्थापक संस्कृति पुरुष वसंत राशिनकर की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले अ. भा. सम्मान समारोह का गरिमापूर्ण आयोजन आपले वाचनालय सभागृह में सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम के अतिथिद्वय […]

Read More