Day: August 26, 2023
ग़ज़ल/आदित्य आजमी
ग़ज़ल सिसक रही सदी लिखो कवि, सूख रही है नदी लिखो कवि! नेकी का तो पतन हो रहा है, बढ़ रही है बदी लिखो कवि! किसी दिन घर को गिरा देगी, ये बुनियादी नमी लिखो कवि! मंगल पर जाने की तैयारी है, कम पड़ती जमीं लिखो कवि! आधुनिकता के इस काल मे, गुम हो गई […]
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देश और मीडिया एक विवेचन बदले हालात की पत्रकारिता
डाॅ. श्रीगोपाल नारसन बदले हालात में और इतिहास बनती हिंदी पत्रकारिता को बचाने के लिए विचार करना होगा कि सुबह का अखबार कैसा हो? समाचार चैनलों पर क्या परोसा जाए? क्या नकारात्मक समाचारों से परहेज कर सकारात्मक समाचारों की पत्रकारिता संभव है? क्या धार्मिक समाचारों को समाचार पत्रों में स्थान देकर पाठको को धर्मावलम्बी […]
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मानवीय संवेदनाओं का चित्रण कहानी-संग्रह ’वो मिले फेसबुक पर’
सुरेन्द्र अग्निहोत्री जब जुपिन्द्रजीत सिंह का कहानी-संग्रह ’वो मिले फेसबुक पर’ मेरे हाथों में आया तो बस पढ़ता ही चला गया। उनकी कहानियाँ मन-मस्तिश्क को झिंझोड़ती ही नहीं, बल्कि मस्तिश्क में अपने लिए एक कोना स्वयं ही तलाष कर जगह बना लेती हैं। साथ ही पाठक को सोचने पर विवष कर देती हैं और एक […]
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हिमालय का दर्द: तुम अपनी मुहब्बत वापस लो!
ऋषभदेव शर्मा जी हाँ, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में महावृष्टि और भूस्खलन के प्रलयंकर दृश्य देखकर तो यही लगता है कि कालिदास के देवतात्मा नगाधिराज हिमालय की आत्मा यही चीत्कार कर रही होगी – ‘अब नजअ का आलम है मुझ पर/!तुम अपनी मुहब्बत वापस लोय/ जब कश्ती डूबने लगती है/ तो बोझ उतारा करते हैं!’ […]
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भईया जी और सोशल मीडिया
अनिल शर्मा ‘अनिल’ भईया जी को अहम और वहम दोनों का ही मीनिया है। अहम इस बात का कि सोशल मीडिया किंग कहने लगे है लोग और वहम इस बात का कि इनसे अच्छा और बड़ा साहित्यकार कोई नहीं है। अपनी मस्ती में, पूरी बस्ती में भईया जी लंबा कुर्ता और चैड़ा पायजामा पहने […]
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