भारतीय साहित्य के दैदीप्यमान नक्षत्र ,जीना चाहता हूं मरने के बाद फाउंडेशन एक भारत के संस्थापक _चेयरमैन अंतर्राष्ट्रीय प्रख्यात साहित्यकार राशदादा राश का नाम दुनिया में गुंजायमान है । इनका जन्म आरा (बिहार) में 15 दिसंबर ,1952 को हुआ था। इनका मूल नाम रासबिहारी सहाय है ।ये राशदादा के नाम से लिखते हैं। […]
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पटना । तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा 25वें अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में पटना, बिहार के डॉ. वीरेंद्र कुमार भारद्वाज को तुलसी साहित्य-सम्मान— 2025 से नवाजा गया। डॉ. खेमसिंह डहेरिया, सभापति निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, भोपाल, डॉ. नरेश कुमार तिवारी, शिक्षाविद् डॉ. प्रभा मिश्रा, डॉ. राजेश श्रीवास्तव, निदेशक, रामायण केंद्र, श्री पवन […]
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बिहार के लोक संगीत को विश्व के पटल पर विशिष्ट स्थान दिलाने वाली और अपनी पहचान को प्रसिद्धि में शुमार कराने वाली गायिका थी _शारदा सिन्हा ।वे लोक संगीत की दुनिया में बेमिसाल थीं। आप भोजपुरी ,मैथिली, मगही ,अंगिका ,बज्जिका , हिंदी आदि भाषाओं में निपुण थीं।शारदा सिन्हा बिहार कोकिला और लोक संगीत […]
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