पवन कुमार सूरज के फायकू

विषय- जीवन

1.
खाली आना खाली जाना,
जीवन क्या पाना?
तुम्हारे लिए।

2.
उलझन का ताना-बाना,
अंतिम एक ठिकाना,
तुम्हारे लिए।

3.
कभी हर्ष कभी विषाद,
कहते सभी निर्विवाद,
तुम्हारे लिए।

4.
पहली श्वास अंतिम धड़कन,
जीवन यह उलझन,
तुम्हारे लिए।

5.
एक समभाव होकर जीना,
जीवन गरल पीना,
तुम्हारे लिए।

6.
कभी जय कभी पराजय,
जीवन एक संशय,
तुम्हारे लिए।

7.
करते फिरते सतत तलाश,
जीवन एक वनवास,
तुम्हारे लिए।

8.
हरपल मेला विशद झमेला,
जीवन निपट अकेला,
तुम्हारे लिए।

9.
काया- छाया मन भरमाया,
जीवन एक मोहमाया,
तुम्हारे लिए।

10.
सुख-सागर दुख-आगर,
जीवन की गागर,
तुम्हारे लिए।

11.
चलते जाना बढ़ते जाना,
जीवन इक अफसाना,
तुम्हारे लिए।

12.
कभी दुखद कभी सुहानी,
जीवन गूढ़ कहानी,
तुम्हारे लिए।

13.
हँसते रहना दुख-पीना,
यही जीवन जीना,
तुम्हारे लिए।

14.
माया के बंधन झूठे,
इस जीवन टूटे,
तुम्हारे लिए।

15.
प्रभु भक्ति की शक्ति,
इसमें जीवन मुक्ति,
तुम्हारे लिए।

16.
हरि नाम का सुमिरन,
काटे जीवन-बंधन,
तुम्हारे लिए।

17.
भारी भरकम बहु दुविधा,
जीवन मुक्ति सुविधा,
तुम्हारे लिए।

18.
जागो समय नहीं गँवाए,
जीवन मुक्ति लाए,
तुम्हारे लिए।

19.
जीवन वो असली जीवन,
काटे भव-बंधन,
तुम्हारे लिए।

20.
दुर्लभ मानव की काया,
‘सूरज’ अवसर लाया,
तुम्हारे लिए।

#पवन कुमार सूरज
देहरादून

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

फायकू

मतदान है अनिवार्य-सत्येन्द्र शर्मा ‘तरंग’,

  लोकतन्त्र का यही नारा, मतदान करे उजियारा, तुम्हारे लिए। हे! भारत के मतदाता, मतदान लोकतंत्र लाता, तुम्हारे लिए। मतदान करें नर-नार लोकतन्त्र की जयकार, तुम्हारे लिए। आयु हुई अट्ठारह वर्ष, मतदान का हर्ष, तुम्हारे लिए। छोड़कर अपने सब कार्य, मतदान है अनिवार्य, तुम्हारे लिए। भारत का पावन लोकतंत्र, विकास का मन्त्र, तुम्हारे लिए। हर […]

Read More
फायकू

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस फायकू-मधु माहेश्वरी

  1 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का सुंदर आयोजन है तुम्हारे लिए। 2 अनगिन रूप तिहारे नारी तुझसे ही परिवार तुम्हारे लिए। 3 मातृशक्ति है गौरव तेरा नमन है बारंबार तुम्हारे लिए। 4 निज का तुम सम्मान करो पहचानो ख़ुद को तुम्हारे लिए। 5 दसियों रूप तुम्हारे भीतर अपनी सखी बनो तुम्हारे लिए। 6 ईश्वर  की […]

Read More
फायकू

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस फायकू-विनोद शर्मा

  1 . ले आयी इक्कीसवी सदी नारी शक्ति सम्मान तुम्हारे लिए। 2. आत्मविश्वास की जगी लहर सदियों के बाद तुम्हारे लिए। 3. धरती नापी अंम्बर नापा नाप सब संसार तुम्हारे लिए। 4 . आज स्वयं सिद्धा बनी रही नहीं मोहताज तुम्हारे लिए। 5 . नये नये आयाम चुने खड़े कीर्तिमान किये तुम्हारे लिए। विनोद […]

Read More