Year: 2023
प्रेमचंद सम्मान-2023, राज गोपाल सिंह वर्मा को “रंगलीला”
आगरा की प्रमुख सांस्कृतिक- साहित्यिक संस्था रंगलीला की ओर से मुझे और केंद्रीय हिन्दी संस्थान, आगरा के भूतपूर्व निदेशक प्रो रामवीर सिंह को प्रेमचंद सम्मान 2023 से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कोलकाता विश्वविद्यालय के सेवनिवृत्त प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी, दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सुधा सिंह, आगरा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्रियम अंकित ने आज के […]
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नरगिस को शांति का नोबेल : स्त्री संघर्ष की स्वीकृति का जश्न
ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को ‘ईरान में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष और सभी के लिए मानवाधिकारों और स्वतंत्रता को बढ़ावा देने की उनकी लड़ाई’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार (2023) दिए जाने की घोषणा की गई है। गौरतलब है कि फिलहाल नरगिस ईरान में 16 साल की जेल की सज़ा काट […]
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जॉन फॉसे : अनकही को कह दिया जिसने!
वयोवृद्ध लेखक सलमान रुश्दी के चाहने वालों को भले ही हताशा हुई हो, लेकिन नॉर्वेजियन लेखक जॉन फॉसे (1959) को साहित्य में 2023 का नोबेल पुरस्कार दिया जाना स्वागत योग्य और प्रशंसनीय है। बताया जा रहा है कि फॉसे गद्य और नाटक दोनों में माहिर हैं, और उनके काम की विशेषता इसकी काव्यात्मक भाषा, […]
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पं. दीनदयाल उपाध्याय: व्यक्तित्व एवं कृतित्व
महान चिन्तक, कर्मयोगी, मनीषी एवं राष्ट्रवादी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय का भारत के राजनीतिक क्षितिज पर उदय एक महत्वपूर्ण घटना थी। वह देश के गौरवशील अतीत से भविष्य को जोड़ने वाले शिल्पी थे। उन्होंने प्राचीन भारतीय जीवन-दर्शन के आधार पर सामयिक व्यवस्थाओं के संबन्ध में मौलिक चिन्तन करके उन्हें दार्शनिक दृष्टिकोण से परिपूर्ण व्यावहारिक व्याख्यायें दीं। […]
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गांधी जयंती के अवसर पर
बाल-कविता महात्मा का स्मरण भारत माता ने महानतम पुत्र अनेक जने हैं। ‘बापू’ पद के अधिकारी बस मोहनदास बने हैं।। हम सब उनको आज महात्मा गांधी कहते हैं। भारत के जन गण के मन में सचमुच रहते हैं।। वे अपने जीवन में सबको प्रेम सिखाते थे। सत्य, अहिंसा में निष्ठा का मार्ग दिखाते थे।। […]
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तेलंगाना प्रदेश एवं हिंदी की स्थिति
इस पुस्तक के उपोदघात में लेखिका अपने अर्धशतकीय हिंदी यात्रा के अनुभव का परिचय देते हुए कहती हैं- ‘दक्षिण में द्रविड़ संस्कृति एवं तेलंगाना की मूल भाषा तेलुगु के साथ हैदराबाद शहर में रहने वाले लोग उर्दू एवं दक्षिणी हिंदी की जानकारी स्वयंमेव प्राप्त कर लेते हैं।’ (पृ. ‘उपोदघात’) ‘तेलंगाना का निर्माण एवं इसकी संस्कृति’ […]
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लोक में गांधी के गीतों को गाती ‘चंदन तिवारी’
एक बार किसी ने महात्मा गांधी से पूछा कि क्या आपको संगीत से कोई लगाव नहीं है? गांधीजी ने उत्तर दिया कि यदि मुझमें संगीत न होता तो मैं अपने काम के इस भारी बोझ से मर गया होता। ज्यादातर लोगों की यह धारणा रही है कि महात्मा गांधी संगीत जैसी सभी कलाओं के खिलाफ […]
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विश्व शांति के लिए गांधी ही विकल्प… पर गांधी विरासत बचाना भी जरूरी
प्रो. कन्हैया त्रिपाठी गांधी जी के संदर्भ में अलबर्ट आइंस्टीन का वह कथन अब प्रायः लोग स्मरण करते हैं जो उन्होंने 20वीं शताब्दी के मध्य में कही थी कि- दुनिया एक दिन आश्चर्य करेगी कि गांधी जैसा कोई हाड़ मांस का पुतला इस धरती पर कभी चला होगा। जीवन कृपा पर नहीं जी सकते […]
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मैं गांधी बोल रहा हूँ….
डाॅ. जी. नीरजा अहिंसा प्रचंड शस्त्र है। इसमें परम पुरुषार्थ है। यह भीरु से दूर-दूर भागती है, वीर पुरुष की शोभा है, उसका सर्वस्व है! यह शुष्क, नीरस, जड़ पदार्थ नहीं है, यह चेतनमय है। यह आत्मा का विशेष गुण है। आप मानो या न मानो, मैंने इसका वर्णन परम धर्म के रूप में […]
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स्वतंत्रा संग्राम और गांधी की पत्रकारिता
संदीप कुमार शर्मा (स.अ.) महात्मा गांधी जी की पत्रकारिता उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा थी, जो उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के साथ-साथ अपने दृढ़ नैतिक और सामाजि एसक मूल्यों को प्रोत्साहित करने के लिए भी उपयोग की। उनकी पत्रकारिता के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को निम्नलिखित रूप में देखा जा सकता है- सत्याग्रह – गांधी जी […]
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