Day: September 21, 2025
भागलपुर ने दी राष्ट्रकवि दिनकर को ख्याति
कुमार कृष्णन भागलपुर से ही राष्टकवि रामधारी सिंह दिनकर को ख्याति मिली। इसे उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है। उनके मुताबिक- ” 1933 में सुप्रसिद्ध इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल नें भागलपुर में बिहार प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन का सभापतित्व किया था।इसके आयोजक थे पं शिवदुलारे मिश्र अपनी कविता ‘हिमालय’ ‘के प्रति’ उपकार मानता हूं। जनता में […]
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रामधारी सिंह दिनकर
विधा – छन्दमुक्त “””””””””””””””””””” राज्य बिहार जिला मुंगेर, ग्राम सिमरिया में जन्मे । 30 सितम्बर 1908 को, रविसिंह-मनरूप देवी के घर में ।। रामधारी सिंह दिनकर, राष्ट्रकवि दिनकर सदृश थे । गद्य-पद्य में सिद्ध महारथ, पढ़ने को सब लोग विवश थे ।। था ‘विजय सन्देश’ पहला, काव्य संग्रह आपका । आलोचना ‘मिट्टी की ओर’,’शुद्ध कविता […]
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जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है
दीपा मिश्रा राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की यह पंक्ति न केवल उनके काव्य की गहराई को दर्शाती है, बल्कि मानव जीवन के एक अत्यंत महत्वपूर्ण सत्य को भी उजागर करती है । ये शब्द जैसे ही हमारे मन में उतरते हैं, हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आखिर विवेक क्या है, […]
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यशवंत सिंह, जिस वैचारिक सत्ता की विरासत हैं, उसने भारतीय राजनीति में बेखौफ़ इंदिरा की तानाशाही का विरोध किया था
#जन्मदिन_पर_विशेष। @अरविंद सिंह जिस कालखंड में हमारी पीढ़ी की सियासी समझ और राजनीतिक चेतना का विस्तार हो रहा था, और नेताओं के दृश्य और अदृश्य चुंबकीय व्यक्तित्व एवं आभा मंडल के ज़द में जाने का दौर,एक परंपरा का रूप लेता जा रहा था। जिस व़क्त जेपी की ख़ुमारी और नशे के भावनात्मक वाष्प में पिघलती […]
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