समावेशी साहित्य संस्थान की केंद्रीय कार्यकारी समिति की आभासी बैठक का आयोजन डॉ. अखिलेश कुमार निगम की अध्यक्षता में आयोजित की गई। सर्वप्रथम उमेश कुमार प्रजापति ने अपने कुशल मंच संचालन में विगत बैठक की कार्यवाही को पढ़ा गया और आज की बैठक का उद्देश्य बताया।
आज की बैठक में समावेशी साहित्य संस्थान के केंद्रीय कार्यकारी सदस्यों की उपस्थिति में निम्नलिखित मदों पर चर्चा की गई, जिसमें अमन त्यागी के मार्गदर्शन व संपादन में प्रकाशित होने वाली ‘शोधादर्श’ त्रैमासिक पीयर रिव्यूड पत्रिका के आगामी अंक ‘हिंदी साहित्य का समावेशी काल’ पर विशेषांक निकालने पर प्रकाश डाला गया, डॉ. सी. जय शंकर बाबू, डॉ. दिनेश व डॉ. आनंद मोहन ने संस्थान के पंजीकरण प्रक्रिया पर चर्चा की एवं आगे की रणनीति तय की गई तथा संस्थान की नियमावली, संचालन, कार्यालय, पत्राचार एवं वित्त निमित्त प्रक्रिया पर भी विचार व चर्चा-परिचर्चा हुई। विद्वानों ने संस्थान के उद्देश्यों को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए आगामी त्रैमासिक गतिविधियों व रणनीतियों पर अपने विचार रखे।
बैठक में संस्थान के भविष्य की दृष्टि पर महत्वपूर्ण प्रकाश डाला गया जिसमें कई नीतिगत, भविष्यगत निर्णय लिए गए। आभासी पटल पर डॉ. अखिलेश कुमार निगम ने समावेशी साहित्य शोध एवं शोधार्थी के महत्व पर बल देते हुए अपने अध्यक्षीय वक्तव्य के साथ बैठक को सम्पन्न किया गया। डॉ. हरिशंकर मिश्र, डॉ. आनंद मोहन, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. संदीप, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. राजीव, डॉ. अशोक कुमार मंगलेश, डॉ. दिनेश, डॉ. एस. एन. शर्मा आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।
