Author: editor
मृत्यु भोज कुप्रथा है
मृत्यु भोज करने के बजाए अपने प्रियजन की जीते जी बेहतरीन देखभाल करना , रहन सहन, खानपान, तथा स्वस्थ्य का पूरा ख्याल रखना ही काफी है – ओजस्वी चितोडगढ 20 जून जिस कुप्रथा के कारण जमीन जायदाद बिक जाऐ, कर्ज के भार में पुरा परिवार दब कर रह जाऐ, इस आत्मघाती कुप्रथा के कारण बच्चो […]
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पूरी दुनिया में है बिहार योग पद्धति की व्यापकता
कुमार कृष्णन 21 जून को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला योग दिवस एक अद्भुत वैश्विक घटनाक्रम है, भारत की प्राचीनतम विद्या शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक सद्भाव बढ़ाने में कारगर है। इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2023 का थीम वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत के साथ वन वर्ल्ड, वन हेल्थ रखा गया है। योग को […]
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खत्म होते ग्लेशियर का संकट
अरविंद जयतिलक अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘साइंस’ का यह खुलासा चिंतित करने वाला है कि सदी के अंत तक दो तिहाई ग्लेशियर खत्म हो जाएंगे। पत्रिका से जुड़े अध्ययकर्ताओं का मानना है कि दुनिया के 83 प्रतिशत ग्लेशियर साल 2100 के अंत तक विलुप्त हो सकते हैं। उनका यह आंकलन 2,15,000 जमीन आधारित ग्लेशियर पर आधारित […]
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भारत का संविधान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में क्या-क्या बदला?
दिनेश उप्रेती ‘संविधान चाहे जितना अच्छा हो, वह बुरा साबित हो सकता है, यदि उसका अनुसरण करने वाले लोग बुरे हों। यह कौन कह सकता है कि भारत की जनता और उसके दल कैसा आचरण करेंगे। अपना मकसद हासिल करने के लिए वे संवैधानिक तरीके अपनाएंगे या क्रांतिकारी तरीके? यदि वे क्रांतिकारी तरीके अपनाते हैं […]
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भारत का संविधान
हमारा उद्देश्य है कि हम अपने देश के सभी नागरिकों को अपने संविधान से अवगत कराएं ताकि हम अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें और अपने देश की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण बनाए रखें। इसी उद्देश्य से प्रारंभ किया जा रहा है संविधान का प्रकाशन। यह पहली किश्त है ‘भारतीय संविधान […]
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मौन
अमन कुमार बूढ़ा मोहन अब स्वयं को परेशान अनुभव कर रहा था। अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाना अब उसके लिए भारी पड़ रहा था। परिवार के अन्य कमाऊ सदस्य अपने मुखिया मोहन की अवहेलना करने लगे थे। मोहन की विधवा भाभी परिवार के सदस्यों की लगाम अपने हाथों में थामे थी। वह बड़ी चालाक थी। […]
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पं. पद्मसिंह शर्मा और ‘भारतोदय’
अमन कुमार ‘त्यागी’ पं. पद्मसिंह शर्मा का जन्म सन् 1873 ई. दिन रविवार फाल्गुन सुदी 12 संवत् 1933 वि. को चांदपुर स्याऊ रेलवे स्टेशन से चार कोस उत्तर की ओर नायक नंगला नामक एक छोटे से गाँव में हुआ था। इनके पिता श्री उमराव सिंह गाँव के मुखिया, प्रतिष्ठित, परोपकारी एवं प्रभावशाली व्यक्ति थे। […]
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क्रांति का बीजपत्र : आंचलिक पत्रकरिता
– अरविंद कुमार सिंह ‘‘खींचो न कमानों को, न तलवार निकालो जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो।’’ गंगा-यमुना और सरस्वती के संगम की रेती से जब ये क्रांतिकारी पंक्तियां अकबर इलाहाबादी की शायरी से जनमानस के दिलों में उतर रही थीं; तो प्रयाग वैसा नहीं था, जैसा आज दिखता है। तीर्थराज की यह धरती […]
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भारतीय परिदृष्य में मीडिया में नारी चित्रण
डाॅ0 गीता वर्मा एसोसिऐट प्रोफेसर, संस्कृत विभाग, बरेली कालेज, बरेली। “नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत नग पग तल में। पीयूशस्त्रोत सी बहा करो, अवनि और अम्बर तल में।।“ महिलाएं पत्रकारिता में मानवीय पक्ष को उजागर करती हैं। जय शंकर प्रसाद के अनुसार ‘नारी की करुणा अंतर्जगत का उच्चतम बिंब है जिसके बल […]
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