विश्वकर्मा भगवान
विश्वकर्मा भगवान
सरस्वती सारस्वत वरद पुत्र को, मेरा शत _शत नमन । आपने साहित्य से अगाध प्यार कर , किया साहित्य सृजन । साहित्य सृजित कर, किया नाम रोशन । साहित्य जगत में , आपकी प्रतिभा थी, विलक्षण । आपका नाम गूंजता कण_कण, आपथे सफल, विद्वतजन । आपके प्रशंसक थे , सकल पाठकगण। श्रीरंजन थे , […]
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कुमार कृष्णन भागलपुर से ही राष्टकवि रामधारी सिंह दिनकर को ख्याति मिली। इसे उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है। उनके मुताबिक- ” 1933 में सुप्रसिद्ध इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल नें भागलपुर में बिहार प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन का सभापतित्व किया था।इसके आयोजक थे पं शिवदुलारे मिश्र अपनी कविता ‘हिमालय’ ‘के प्रति’ उपकार मानता हूं। जनता में […]
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विधा – छन्दमुक्त “””””””””””””””””””” राज्य बिहार जिला मुंगेर, ग्राम सिमरिया में जन्मे । 30 सितम्बर 1908 को, रविसिंह-मनरूप देवी के घर में ।। रामधारी सिंह दिनकर, राष्ट्रकवि दिनकर सदृश थे । गद्य-पद्य में सिद्ध महारथ, पढ़ने को सब लोग विवश थे ।। था ‘विजय सन्देश’ पहला, काव्य संग्रह आपका । आलोचना ‘मिट्टी की ओर’,’शुद्ध कविता […]
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