Year: 2023
भारतीय प्रज्ञान परिषद की महिला, युवा, शोध आयामो को लेकर बैठके आयोजित
सहारनपुर, भारतीय प्रज्ञान परिषद (प्रज्ञा प्रवाह संबद्व) सहारनपुर में केंद की योजना एवं मंच की वैचारिकी को लेकर जिला और महानगर के प्रमुख कार्यकर्ताओं की महिला, युवा, शोध आयामो को लेकर अलग-अलग स्थानो पर तीन बैठके आयोजित हुई। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के क्षेत्रीय संयोजक मा. भगवती प्रसादजी का सभी कार्यकर्ताओं को सानिध्य […]
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राजेन्द्र ओझा “शाला गौरव” सम्मान से सम्मानित
श्री गुजराती शाला भवन, देवेन्द्र नगर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राजेन्द्र ओझा को “शाला गौरव” सम्मान से सम्मानित किया गया। श्री गुजराती शिक्षण संघ द्वारा प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस पर दो ऐसे भूतपूर्व छात्रों का सम्मान किया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि हासिल की हो। ज्ञातव्य है कि राजेन्द्र ओझा […]
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‘त्रैमासिक निःशुल्क पत्रकारिता कोर्स’
पत्रकारिता उतनी सरल भी नहीं है जितनी कि लोग समझ लेते हैं। पत्रकारिता की अपनी सीमाएं, पीड़ाएं, चिंताएं और सरोकार होते हैं। पत्रकारिता और उसके हितों के प्रति भारतीय संविधान और सरकार लगभग मौन ही हैं। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चैथा स्तंभ कहकर लाॅलीपाॅप ही थमाया जाता है। पत्रकारिता को सभी राजनीतिक पार्टियां अपने लिए […]
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मुझे फोन कर देना
प्रवासी पंजाबी कहानी मूल – रविंदर सिंह सोढी अनु – प्रो. नव संगीत सिंह शिफाली ने मोबाइल का अलार्म बंद कर दिया। शनिवार का का दिन था, इसीलिए वह देरी से उठी। कोरोना के कारण जब से उसने घर से आॅफिस का काम करना शुरू किया था, तब से वह सुबह देर से ही […]
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सतयुग आ गया
डाॅ. दलजीत कौर कल पड़ोसी प्रेमचंद जी ने बताया -सतयुग आ गया। जिस सतयुग की तलाश महापुरुषों को थी। जिस के लिए संत तपस्या कर रहे थे। जिसका वर्णन केवल धर्म-ग्रंथों में था। वह आ गया। आकाश साफ, नदियाँ नीली, जल, वायु, पृथ्वी प्रदूषण रहित हो गए। चिड़ियाँ लौट आईं हैं। जीव-जंतु खुशी से […]
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जौ अनाज भर जमीन और होती तो आज बिहार में होती काशी
भागलपुर जिला (बिहार) के कहलगांव अनुमंडल में विक्रमशिला बौद्ध महाविहार के निकट गंगातट पर स्थित बटेश्वर स्थान की प्रसिद्धि न सिर्फ अंगदेश बल्कि बिहार के एक महत्वपूर्ण शैवस्थल के रूप में रही है। यहाँ बटेश्वर पहाड़ी पर शिवस्वरूप बाबा बटेश्वर का मंदिर स्थित है जिनके प्रति लोगों की अगाध आस्था है। हमने पाया है कि […]
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जान बची तो लाखों पाएं
निमिषा सिंह हमारा देश वैसे तो हर क्षेत्र में विकास के पथ पर अग्रसर है लेकिन फिर भी स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात से ही देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है जिसका प्रमुख कारण है जनसंख्या में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि। परिणाम धरती पर अत्यधिक दबाव, बेरोजगारी, अन्न की कमी ,संसाधनों की कमी और […]
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हल्का होने का अहसास : मिलान कुंदेरा
श्रद्धांजलि लेख प्रो. गोपाल शर्मा “और जल्दी ही युवती सिसकी लेने के बजाय ज़ोर–ज़ोर से रोने लगी और वह यह करुणाजनक पुनरुक्ति दोहराती चली गई, ”मैं मैं हूँ, मैं मैं हूँ, मैं मैं हूँ ….” आज जब अचानक मिलान कुंदेरा के निधन का समाचार सुना तो उनकी एक कहानी के अनुवाद की ये अंतिम पंक्तियाँ याद […]
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सिसक रही सदी लिखो कवि/आदित्य आजमी
ग़ज़ल सिसक रही सदी लिखो कवि, सूख रही है नदी लिखो कवि! नेकी का तो पतन हो रहा है, बढ़ रही है बदी लिखो कवि! किसी दिन घर को गिरा देगी, ये बुनियादी नमी लिखो कवि! मंगल पर जाने की तैयारी है, कम पड़ती जमीं लिखो कवि! आधुनिकता के इस काल मे, गुम […]
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वैश्विक आतंकवाद पर आभासी चोट!
ऋषभदेव शर्मा शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के आभासी शिखर सम्मेलन की मेजबानी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुचित ज़ोर देकर वैश्विक आतंकवाद का मुद्दा उठाया। इसके महत्व और प्रासंगिकता से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि जब तक पाकिस्तान आतंकियों की पनाहगाह और चीन पाकिस्तान का सरपरस्त […]
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