दुर्गेश मोहन को मिला राष्ट्र रत्न सम्मान_ 2025

 

पटना ।अंतर्राष्ट्रीय सखी साहित्य परिवार(रजिo), ( बिहार का साहित्यिक सामाजिक एवं संस्कृत संस्थान) ,असम के द्वारा शिक्षक साहित्यकार दुर्गेश मोहन को राष्ट्र रत्न सम्मान _2025 से सम्मानित किया गया ।इनका साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान है ।आप स्व 0 ब्रजनंदन मिश्र के पुत्र हैं।आप चकवेदौलिया (समस्तीपुर) निवासी हैं और आपका कार्य क्षेत्र बिहटा (पटना) है। आप साहित्य के क्षेत्र में गद्य पद्य विधाओं में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लेखन कार्य पत्र पत्रिकाओं में किए हैं और सम्मानित भी होते रहे हैं ।संस्था की संस्थापिका एवं राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ दीपिका सिसोदिया सखी और बिहार अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक रूपेश कुमार ने दुर्गेश मोहन को सम्मानित करने पर हर्ष व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्य अमूल्य हैं। हम लोगों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। इन्हें सम्मानित होने पर साहित्यप्रेमियों में हर्ष है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

News

साहित्य के दैदीप्यमान नक्षत्र : राशदादा राश

    भारतीय साहित्य के दैदीप्यमान नक्षत्र ,जीना चाहता हूं मरने के बाद फाउंडेशन एक भारत के संस्थापक _चेयरमैन अंतर्राष्ट्रीय प्रख्यात साहित्यकार राशदादा राश का नाम दुनिया में गुंजायमान है । इनका जन्म आरा (बिहार) में 15 दिसंबर ,1952 को हुआ था। इनका मूल नाम रासबिहारी सहाय है ।ये राशदादा के नाम से लिखते हैं। […]

Read More
News

भोपाल ने दिया डॉ. वीरेंद्र कुमार भारद्वाज को तुलसी साहित्य-सम्मान

  पटना । तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा 25वें अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में पटना, बिहार के डॉ. वीरेंद्र कुमार भारद्वाज को तुलसी साहित्य-सम्मान— 2025 से नवाजा गया। डॉ. खेमसिंह डहेरिया, सभापति निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, भोपाल, डॉ. नरेश कुमार तिवारी, शिक्षाविद् डॉ. प्रभा मिश्रा, डॉ. राजेश श्रीवास्तव, निदेशक, रामायण केंद्र, श्री पवन […]

Read More
News

बिहार कोकिला शारदा सिन्हा का स्वर पंचतत्व में भी गूंजा

    बिहार के लोक संगीत को विश्व के पटल पर विशिष्ट स्थान दिलाने वाली और अपनी पहचान को प्रसिद्धि में शुमार कराने वाली गायिका थी _शारदा सिन्हा ।वे लोक संगीत की दुनिया में बेमिसाल थीं। आप भोजपुरी ,मैथिली, मगही ,अंगिका ,बज्जिका , हिंदी आदि भाषाओं में निपुण थीं।शारदा सिन्हा बिहार कोकिला और लोक संगीत […]

Read More