Author: editor

कविता

रामधारी सिंह दिनकर

विधा – छन्दमुक्त “””””””””””””””””””” राज्य बिहार जिला मुंगेर, ग्राम सिमरिया में जन्मे । 30 सितम्बर 1908 को, रविसिंह-मनरूप देवी के घर में ।। रामधारी सिंह दिनकर, राष्ट्रकवि दिनकर सदृश थे । गद्य-पद्य में सिद्ध महारथ, पढ़ने को सब लोग विवश थे ।। था ‘विजय सन्देश’ पहला, काव्य संग्रह आपका । आलोचना ‘मिट्टी की ओर’,’शुद्ध कविता […]

Read More
शोध लेख

जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है

    दीपा मिश्रा राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की यह पंक्ति न केवल उनके काव्य की गहराई को दर्शाती है, बल्कि मानव जीवन के एक अत्यंत महत्वपूर्ण सत्य को भी उजागर करती है । ये शब्द जैसे ही हमारे मन में उतरते हैं, हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आखिर विवेक क्या है, […]

Read More
व्यक्तित्व

यशवंत सिंह, जिस वैचारिक सत्ता की विरासत हैं, उसने भारतीय राजनीति में बेखौफ़ इंदिरा की तानाशाही का विरोध किया था

#जन्मदिन_पर_विशेष। @अरविंद सिंह जिस कालखंड में हमारी पीढ़ी की सियासी समझ और राजनीतिक चेतना का विस्तार हो रहा था, और नेताओं के दृश्य और अदृश्य चुंबकीय व्यक्तित्व एवं आभा मंडल के ज़द में जाने का दौर,एक परंपरा का रूप लेता जा रहा था। जिस व़क्त जेपी की ख़ुमारी और नशे के भावनात्मक वाष्प में पिघलती […]

Read More
News

वन विभाग के डीएफओ ऑफिस नजीबाबाद पर भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक संगठन का धरना प्रदर्शन नौवे दिन समाप्त हुआ

  नजीबाबाद। धरना स्थल पर भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह पहुंचे और उनके साथ वन विभाग नजीबाबाद के डीएफओ अभिनव राज,और एसडीओ ज्ञान सिंह बिजनौर, एसडीओ नजीबाबाद अंशुमान मित्तल, और शैलेंद्र कुमार एसडीएम नजीबाबाद मौजूद रहे और भारी संख्या में संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे और सभी के समक्ष […]

Read More
News

अयोध्या राजघराने के महाराज : विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र

  अयोध्या के ऐतिहासिक पन्नों में हमेशा के लिए एक नाम अंकित रहेगा वे हैं _हमारे प्यारे अयोध्या महाराज विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र। विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का जन्म दरभंगा जिलांतर्गत बेहटा गांव में हुआ था ।उनके पिता का नाम डॉ 0 रमेंद्र मोहन मिश्र तथा माता का नाम विमला देवी था ।डॉ0 रमेंद्र मोहन […]

Read More
News

हिंदी दिवस मनाया गया

नजीबाबाद । “ओपन डोर”प्रकाशन समूह कार्यालय पर हिंदी दिवस के अवसर पर एक साहित्यिक समाआरोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित सुधीर कुमार राणा ने और संचालन अमन कुमार ने किया। हिंदी दिवस के अवसर पर धामपुर से पधारे साहित्यकार व शिक्षक डॉ अनिल शर्मा “अनिल”, और गीतकार नरेंद्रजीत “अनाम” मुख्य […]

Read More
News

भाषाई सौहार्द का प्रतीक : हिंदी

  हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा लोकप्रिय भाषा के साथ-साथ वर्तमान काल में यह अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में उभर कर आयी है ।यह भाषा विश्व की तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है ।14 सितंबर, 1949 को इसे संविधान ने राष्ट्रभाषा के रूप में घोषणा तो कर दी लेकिन अफसोस यह है कि यह अभी भी […]

Read More
News

पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला : उप्साला विश्वविद्यालय, स्वीडेन के आचार्य हाइंस वर्नर वेसलर का व्याख्यान

  पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय का हिंदी विभाग 10 सितंबर 2025 को ‘हिंदी को विश्व भाषा बनने के लिए उसकी आवश्यकताओं का निर्धारण – तकनीकी परिवर्तन और भाषा नीति’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित कर रहा है। आचार्य हाइंस वर्नर वेसलर, भाषाविज्ञान और वाङ्मयशास्त्र विभाग, उप्साला विश्वविद्यालय, स्वीडेन सभी आभासी श्रोताओं का ज्ञानवर्धन करेंगे। आचार्य हाइंस ने […]

Read More
व्यक्तित्व

भाषाई संस्कारों के कोश थे साहित्यकार त्रिलोचन

  ■ डॉ. सम्राट् सुधा मेरा यह सौभाग्य रहा कि प्रगतिवादी काव्य के स्तंभ-कवि त्रिलोचन से मैं जीवन में तीन बार मिल सका। इनमें 28 अक्टूबर, 2001 की भेंट तो नितान्त औपचारिक ही थी, जब रुड़की की एक संस्था के निवेदन पर मैं उन्हें लेने ज्वालापुर ( हरिद्वार ) गया था। फिर ,जून 2005 से […]

Read More
News

पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान प्रणाली व्याख्यान शृंखला के अंतर्गत ‘भारतीय शब्द यात्रा’ पर व्याख्यानमाला

    ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ (Indian Knowledge System) पर विश्वज्ञानपीठ, प्रयागराज के सहयोग से ‘भारतीय शब्द यात्रा’ पर नई अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान शृंखला तहत प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार ऑनलाइन गूगल मीट पर आयोजित प्रतिष्ठित भाषाविद् आचार्य त्रिभुवननाथ शुक्ल जी का दूसरा व्याख्यान दिनांक 30 अगस्त 2025 को सायं 6.00 बजे आयोजित होगा । आचार्य त्रिभुवननाथ […]

Read More