Author: editor
फायकू नव वर्ष
नव वर्ष में अद्भुत समाचार है ताजा तुम्हारे लिए। सारी दुनिया रहे हर्षित सभी गाए गुणगान तुम्हारे लिए । नव वर्ष हो खुशहाल इंसान हो प्रेरित तुम्हारे लिए । भाईचारे का देता पैगाम यह करता आनंदित तुम्हारे लिए । दुनिया में हो चर्चाएं मनोरंजन और ज्ञान तुम्हारे लिए। नव वर्ष प्यार बढ़ाए श्रेष्ठता का […]
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पत्रकार प्रफुल्लचंद्र ठाकुर हुए सम्मानित
नाथद्वारा (राजस्थान)।लेखक, समीक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्लचन्द्र ठाकुर को साहित्य वाचस्पति भगवतीप्रसाद देवपुरा स्मृति सम्मान और मानद उपाधि साहित्य सुधाकर प्रदान किया गया। देशं की प्रसिद्ध संस्था साहित्य मण्डल, नाथद्वारा ( राजस्थान ) के तत्त्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय(5-7जनवरी) भगवतीप्रसाद देवपुरा स्मृति एवं राष्ट्रीय बाल साहित्य समारोह में श्री ठाकुर को शाल,माला, उत्तरीय,श्रीफल,मेवाड़ी पगड़ी, श्रीनाथ […]
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सुप्रसिद्ध दार्शनिक एवं संन्यासी : स्वामी विवेकानंद
भारतीय इतिहास में सुप्रसिद्ध दार्शनिक, संन्यासी ,विद्वान ,विचारक एवं साहित्यकार के रूप में मिली महत्वपूर्ण योगदान के लिए स्वामी विवेकानंद जाने जाते हैं। इनका मूल नाम नरेंद्र नाथ दत्त था। आपका जन्मदिन भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है ।आपका जन्म 12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में हुआ था।भारतीय आपके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा […]
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देवव्रत – कालजयी योद्धा की वीरगाथा
पुस्तक समीक्षा देवव्रत – कालजयी योद्धा की वीरगाथा लेखक – प्रभात सिन्हा समीक्षक_दुर्गेश मोहन प्रकाशक – फ्लाईड्रीम्स पब्लिकेशंस अंतः करण में उतर जाती हैं _देवव्रत_कालजयी योद्धा की वीरगाथा कुछ कृतियाँ केवल पढ़ी नहीं जातीं, वे अंतःकरण में उतर जाती हैं। देवव्रत – कालजयी योद्धा की वीरगाथा ऐसी ही एक अनुपम रचना है, जो महाभारत के […]
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साहित्य के दैदीप्यमान नक्षत्र : राशदादा राश
भारतीय साहित्य के दैदीप्यमान नक्षत्र ,जीना चाहता हूं मरने के बाद फाउंडेशन एक भारत के संस्थापक _चेयरमैन अंतर्राष्ट्रीय प्रख्यात साहित्यकार राशदादा राश का नाम दुनिया में गुंजायमान है । इनका जन्म आरा (बिहार) में 15 दिसंबर ,1952 को हुआ था। इनका मूल नाम रासबिहारी सहाय है ।ये राशदादा के नाम से लिखते हैं। […]
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हार की दलदल से जीत के शिखर तक
-उमेश कुमार प्रजापति ‘अलख’ अँधेरा… ड्रेसिंग रूम में सिर्फ़ ज़ोर से आती साँसों की आवाज़ें थीं। बाहर इंदौर स्टेडियम की लाइटें बुझ चुकी थीं। 19 अक्टूबर 2025 को इंग्लैंड से मिली दर्दनाक हार के बाद की यह ख़ामोशी, हार से कहीं ज़्यादा भयानक थी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान, हरमनप्रीत कौर, अपनी कुर्सी […]
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डॉक्टर श्रीरंजन सूरिदेव
सरस्वती सारस्वत वरद पुत्र को, मेरा शत _शत नमन । आपने साहित्य से अगाध प्यार कर , किया साहित्य सृजन । साहित्य सृजित कर, किया नाम रोशन । साहित्य जगत में , आपकी प्रतिभा थी, विलक्षण । आपका नाम गूंजता कण_कण, आपथे सफल, विद्वतजन । आपके प्रशंसक थे , सकल पाठकगण। श्रीरंजन थे , […]
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साहित्य के आधार स्तम्भ डॉ0 श्रीरंजन सूरिदेव
भारतीय साहित्य गगन के आभामंडित, सुविख्यात एवं ज्ञान की किरणों को बिखेरती हुई पाठकों के अंतर्वृंद को झकझोरती हुई उसे आनंदित कर चार चांद लगा देने में सक्षम एवं सफल थे-हमारे प्यारे साहित्यकार डॉ0 श्रीरंजन सूरिदेव। डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव का जन्म28 अक्टूबर ,1926 ईस्वी को शुंभेश्वर नाथ धौनी, दुमका में हुआ था। इनकी शिक्षा […]
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भोपाल ने दिया डॉ. वीरेंद्र कुमार भारद्वाज को तुलसी साहित्य-सम्मान
पटना । तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा 25वें अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में पटना, बिहार के डॉ. वीरेंद्र कुमार भारद्वाज को तुलसी साहित्य-सम्मान— 2025 से नवाजा गया। डॉ. खेमसिंह डहेरिया, सभापति निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, भोपाल, डॉ. नरेश कुमार तिवारी, शिक्षाविद् डॉ. प्रभा मिश्रा, डॉ. राजेश श्रीवास्तव, निदेशक, रामायण केंद्र, श्री पवन […]
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बिहार कोकिला शारदा सिन्हा का स्वर पंचतत्व में भी गूंजा
बिहार के लोक संगीत को विश्व के पटल पर विशिष्ट स्थान दिलाने वाली और अपनी पहचान को प्रसिद्धि में शुमार कराने वाली गायिका थी _शारदा सिन्हा ।वे लोक संगीत की दुनिया में बेमिसाल थीं। आप भोजपुरी ,मैथिली, मगही ,अंगिका ,बज्जिका , हिंदी आदि भाषाओं में निपुण थीं।शारदा सिन्हा बिहार कोकिला और लोक संगीत […]
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