धवन सहित तीन साहित्यकारों को मिला काव्य कलाधर सम्मान

 

पटना। विश्व शाक्त संघ की ओर से गांधी मैदान,पटना, बिहार स्थित आईएमए हॉल में शाक्त धर्म के सम्मान एवं विश्वव्यापी जन कल्याण के लिए शाक्त धर्म की जागरूकता एवं आवश्यकता पर चर्चा के लिये 51वां शाक्त सम्मेलन का आयोजन किया गया।इसका उद्घाटन संघ के प्रधानमंत्री एडवोकेट राजेन्द्र कुमार मिश्र ने किया। अध्यक्षीय उद्गार में महामंडलेश्वर कौल भास्कर वीरेन्द्र गिरि ने कहा शक्ति ही संपूर्ण ब्रह्माण्ड की संचालिका है। वह विश्व की मंगलकामना और इष्ट भावना से जीवन को प्रेरित करती है। सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में वह सृजन, पोषण तथा संहार की शक्ति के रूप में अभिहित हैं। वह विभिन्न तत्वों के भीतर भी उनके गुण-धर्म के अनुसार कार्यरत हैं। वह शक्ति अग्नि में दाहिका शक्ति, जल में प्रवाहिका शक्ति, वायु में संचरण शक्ति, पृथ्वी में उर्वर शक्ति और शून्य में गमन शक्ति के रूप में विराजमान है।
कौल भास्कर वीरेंद्र गिरि ने कहा:-शक्ति साधना उदारता, क्षमता, भाईचारा लाती है।सहिष्णुता, संवेदनशीलता आदि सद्गुण विकसित कर सकती है ,यही विश्व कल्याण का हेतु है। वर्तमान में तंत्र मंत्र यंत्र विज्ञान के गूढ़ रहस्य को सरल भाषा में प्रस्तुत करने की जरूरत है। संस्कृत के तंत्र ग्रंथों को लोकोपकारी बनाकर आम जनता को उसका सम्यक लाभ देने की जरूरत है। इस सम्मेलन का उद्देश्य इन्हीं जरूरतों को पूरा करने के लिए संगठन बनाना है ।
मुख्य अतिथि सुकवि मृत्युंजय मिश्र करूणेश ने कविता पाठ किया और वर्तमान में शाक्त परंपरा की प्रासंगिकता बतायी। मगही के यशस्वी कवि,साहित्यकार बाबू लाल मधुकर ने शाक्त धर्म की समृद्ध परंपरा के बारे में बताया और कहा कि बिहार शाक्त साधना का बड़ा केन्द्र रहा है। इस परंपरा को पुनर्जागरित करने की जरूरत है। सक्रिय पत्रकार व साहित्यकार प्रभात कुमार धवन ने अपनी कविता युद्ध या संवेदना तथा हे बुद्ध का पाठ किया,श्री धवन ने भी शक्ति उपासना पर बल दिया। मौके पर तीनों साहित्यकारों को अंग वस्त्र,काव्य कलाधर सम्मान पत्र,पुष्प, पुस्तकें व सम्मान राशि प्रदान की गयी।
गोस्वामी समाज के अध्यक्ष मनोरंजन गिरि, वृजभूषण भारती, अनिल कुमार, कृष्ण कुमार पाठक, पं. राम दिनेश मिश्र, विनोद कुमार शर्मा, सुजीत कुमार पाठक, सुनील कुमार कर्ण सहित शताधिक शाक्त साधक पूरे देश से इस अधिवेशन में शामिल हुए। छः घंटे तक अनवरत चलने वाले इस अधिवेशन में कई लोगों ने श्री धवन को बधाई दी।
श्री धवन के सम्मानित-पुरस्कृत होने से बिहार वासियों में हर्ष व्याप्त है।लोगों से बधाइयां मिल रही है।बधाई देने वालों में दुर्गेश मोहन, रविकांत शुक्ल, आलोक चोपड़ा, अनिल रश्मि,रजनीकांत शुक्ल, नन्द किशोर यादव, रीतु बलि, कमलेश चन्दराकर,ओम प्रकाश चौबे, नवीन कुमार झा,चितरंजन लाल भारती, अमरेंद्र कुमार मिश्रा, अनिरुद्ध प्रसाद, अंजनी कुमार शर्मा, अर्जुन थापा चिन्तन, जगमोहन सिंह गिल,सावी शर्मा, नवीन निकुंज, सोनिया खिल्लन,अनिरुद्ध झा दिवाकर, संजय राँय,लक्ष्मी कांंत सजल,सुनील कुमार, राकेश मिश्रा,अंकु श्री,दीना नाथ जेतली, अशोक कुमार शर्मा आदि सैकड़ों लोगों के नाम उल्लेखनीय है।श्री धवन सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुये इसे त्रिदेवियों की कृपा का प्रसाद मानते हैं।

प्रस्तुति-

दुर्गेश मोहन

समस्तीपुर(बिहार)

One thought on “धवन सहित तीन साहित्यकारों को मिला काव्य कलाधर सम्मान”

  1. Pingback: MyBlog

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

साहित्य

समावेशी साहित्य संस्थान की केंद्रीय कार्यकारी समिति की आभासी बैठक संपन्न

  समावेशी साहित्य संस्थान की केंद्रीय कार्यकारी समिति की आभासी बैठक का आयोजन डॉ. अखिलेश कुमार निगम की अध्यक्षता में आयोजित की गई। सर्वप्रथम उमेश कुमार प्रजापति ने अपने कुशल मंच संचालन में विगत बैठक की कार्यवाही को पढ़ा गया और आज की बैठक का उद्देश्य बताया। आज की बैठक में समावेशी साहित्य संस्थान के […]

Read More
साहित्य

भागलपुर ने दी राष्ट्रकवि दिनकर को ख्याति

कुमार कृष्णन भागलपुर से ही राष्टकवि रामधारी सिंह दिनकर को ख्याति मिली। इसे उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है। उनके मुताबिक- ” 1933 में सुप्रसिद्ध इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल नें भागलपुर में बिहार प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन का सभापतित्व किया था।इसके आयोजक थे पं शिवदुलारे मिश्र अपनी कविता ‘हिमालय’ ‘के प्रति’ उपकार मानता हूं। जनता में […]

Read More
साहित्य

स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्य की भूमिका

  हमारा देश भारत अंग्रेजों के अधीन लगभग 300 वर्षों तक रहा ।अंग्रेजों से आक्रांत होकर भारतीय वीर महापुरुषों ने भारत माता की स्वाधीनता के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। जिसका जीता जागता उदाहरण 15 अगस्त, 1947 को भारत की स्वतंत्रता तथा 26 जनवरी, 1950 को गणतंत्र राष्ट्र घोषित किया गया ,जो हमारे लिए गर्व […]

Read More