Author: editor

कहानी साहित्य

बस एक फ़ोन

-प्रगति गुप्ता “पूर्वा!दो तीन दिन से तेरे बारे में सोच रही थी बेटा।सोचा तुझे फ़ोन ही कर लूँ।आजकल मैं जयपुर आई हुई हूँ। तेरे अंकल की तबीयत कुछ ज्यादा खराब हो गई थी। तुम, विजय और बच्चे सब सकुशल तो हो ना बेटा। बहुत दिनों से कोई बातचीत भी नहीं हुई..कोई खास वज़हतो नहीं।”… सुदर्शना […]

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कहानी साहित्य

मंजिलें ! और भी हैं ….।

       इस जिंदगी का भी ,कुछ पता नहीं है ..ना जाने ! कब किस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दे…इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। जिंदगी में जब सब कुछ अच्छा चल रहा होता है, तभी अचानक एक झटका सा लगता है… और सारे समीकरण गड़बड़ा जाते हैं ,और आदमी […]

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लघु-कथा साहित्य

जानकर महिला

सन्नाटे को चीरती हुई घर में सुमन की  जोर से आवाज आई – अरे वाह ! क्या बात है , आज मैं बहुत खुश हूँ । मैं बता नहीं सकती मुझे कैसा लग रहा है । ( ऐसा कहती हुई सुमन रसोईं बन्दकर कमरे की तरफ गई ) सुमन – हाय राम , जल्दी करूँ […]

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समाज

हमारे बुजुर्ग

शाश्वत सत्य में,एक सत्य वृद्धावस्था है। वृद्धावस्था उस संधिकाल के समान है,जिस तरह सूर्य उषाकाल से लेकर सांध्यकाल तक अपनी किरणों के द्वारा सभी प्राणियों में जीवन स्रोत प्रवाहित कर, अस्ताचलगामी हो सागर में निमग्न होने के लिए उन्मुख होता है। यह प्रकृति का नियम है, जिसका अनुसरण प्रकृतिस्थ सभी  प्राणियों को करना होता है। […]

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पुस्तक समीक्षा साहित्य

जिंदगी के अनुभवों की परतें-स्टेपल्ड पर्चियाँ

भारतीय ज्ञानपीठ  प्रकाशन से प्रकाशित सुप्रसिद्ध लेखिका प्रगति गुप्ता का कहानी संग्रह ‘स्टेपल्ड पर्चियाँ’ जैसे बेशुमार अनुभवों का खजाना है। प्रत्येक व्यक्ति का जीवन अनेकानेक अनुभवों से गुजरता है। हर अनुभव एक कहानी बनकर उसकी स्मृतियों में स्टेपल होती रहती है और ऐसी कई कहानियाँ परत दर परत स्टेपल होकर कई गड्डियाँ बन जातीं हैं। […]

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लघु-कथा साहित्य

निधि ‘मानसिंह’ की दो लघुकथा

1 ( इन्सानियत ) रघु, जितना हो सके उतनी तेज रिक्शा चला रहा था। अचानक दूर से एक व्यक्ति हाथ हिला कर उसकी ओर रिक्शा रोकने का इशारा करता हुआ दौडा चला आ रहा था। रघु ने रिक्शा रोकी तो वो आदमी बोला – उसे लाल बत्ती के पास वाले अस्पताल में जाना है। रघु […]

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समाज

गिरेन्द्रसिंह भदौरिया “प्राण”

हिन्दी “”””””” (ताटंक, ककुभ और लावणी छन्दों में) मीठी मीठी भाषाओं से  शोभित है परिवेश सखे। फिर भी बिना राष्ट्र भाषा के लगता गूँगा देश सखे।। बैठी हुई देववाणी की ये सन्तानें  सहोदरी।। भारतमाता के सुकण्ठ परअलंकार रस छन्द भरी। कन्नड़ कोंकणी कश्मीरी उर्दू उडिया नेपाली। मलयालम,मैथिली मणिपुरी मधुर मराठी बंगाली।। तमिल तेलुगू सिंधी हिन्दी […]

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Education

सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन

  विभाग बिजनौर की सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन निर्मला गोकुल सिंह यादव सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज कोटद्वार मार्ग नजीबाबाद में हुआ। इन प्रतियोगिताओं में विद्या भारती के 12 इंटर कॉलेजों में से 11 ने प्रतिभाग किया। उद्घाटन सत्र में विद्या भारती के जिला प्रमुख एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग शारीरिक प्रमुख […]

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Uncategorized

मानवाधिकार संगठन ने दो दर्जन मेधावी छात्र छात्राओं को किया सम्मानित

  हम छात्र छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं – शिवा शुक्ला पुवायां शाहजहांपुर मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन भारत के तत्वाधान में हाई स्कूल एवं इंटर में प्रथम द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मेधावी छात्र सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन […]

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कविता साहित्य

अंकुर सिंह

हिंदी बने राष्ट्र भाषा हमारा हो निज भाषा पर अधिकार, प्रयोग हिंदी का, करें इसका विस्तार। निज भाषा निज उन्नति का कारक, निज भाषा से मिटे सभी का अंधकार।। हिंदी है हिंदुस्तान की रानी, हो रही अब सभी से बेगानी। अन्य भाषा संग, हिंदी अपनाओ, ताकि हिंदी संग ना हो बेमानी।। माथे की शोभा बढ़ाती बिंदी, निज भाषा जान हैं  हिन्दी। आओ मिल इसका करें विस्तार, […]

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