Author: editor
“हर घर तिरंगा” अभियान के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया
नजीबाबाद। शासन के आदेशानुसार “हर घर तिरंगा” अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 12 अगस्त 2025 को साहू जैन महाविद्यालय, नजीबाबाद में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्र एवं छात्रा इकाई, रेंजर-रोवर्स, एनसीसी तथा महाविद्यालय के […]
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भारत में स्वतन्त्रता आन्दोलन
अटलांटिक महासागर के माध्यम से भारत पहुंचने वाले पहले यूरोपीय पुर्तगाली खोजकर्ता वास्को द गामा थे, जो मसाले की तलाश में 1498 में कालीकट पहुंचे थे। ठीक एक सदी बाद, डच और अंग्रेजों ने भारतीय उपमहाद्वीप पर व्यापारिक चौकियाँ स्थापित की, पहली अंग्रेजी व्यापारिक चौकी 1613 में सूरत में स्थापित की गई। अगली दो शताब्दियों […]
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हिमकर श्याम को मिला ‘साहित्य संस्कृति सम्मान’
रांची। हिन्दी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए साहित्यकार हिमकर श्याम को ‘साहित्य संस्कृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। झारखंड हिन्दी साहित्य संस्कृति मंच के स्थापना दिवस, तुलसी जयंती सह सम्मान समारोह में वाईबीएन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ सत्यदेव पोद्दार, चेयरमैन रामजी यादव और साहित्य संस्कृति मंच के संरक्षक विनय […]
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Open Door 07 August, 2025
नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें Open Door 07 Aug 2025
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स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्य की भूमिका
हमारा देश भारत अंग्रेजों के अधीन लगभग 300 वर्षों तक रहा ।अंग्रेजों से आक्रांत होकर भारतीय वीर महापुरुषों ने भारत माता की स्वाधीनता के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। जिसका जीता जागता उदाहरण 15 अगस्त, 1947 को भारत की स्वतंत्रता तथा 26 जनवरी, 1950 को गणतंत्र राष्ट्र घोषित किया गया ,जो हमारे लिए गर्व […]
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शांति शिरोमणि तुलसीदास
भारतीय साहित्य गगन के चन्द्र काव्य जगत के आप हैं हास। वंदनीय हे शांति शिरोमणि नमो भक्त कवि तुलसीदास । बांदा जिला ग्राम राजापुर आपसे हुआ समुन्नत भाल। मां हुलसी के पुत्र महाकवि आत्माराम पिता के लाल। भारत के अभिमान जगत के आप हैं कवि उज्ज्वल आदर्श। नत मस्तक हो विश्व कह रहा धन्य […]
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शिव स्तुति
शिव की महिमा का है चमत्कार। उन्होंने बनाया बहुत बड़ा संसार। ये हैं अग्रगण्य त्रिपुरारी। ये तांडव नृत्य करते हैं भयहारी। इनकी डमरू बोलती डम_डम_डम। इनके भक्त नाचते छम_छम_छम। भोला खाते भांग _धतूरा। ये कल्याण करते पूरा_पूरा। इनको भाते हैं अकोन, कनेर, धतूरा के फूल। जो उनकी पूजा के लिए है मूल। औढरदानी का […]
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प्रेमचंद को प्रेमचंद ही रहने दें मुंशी प्रेमचंद ना बनाएं : डॉ. सम्राट् सुधा
रुड़की, हिन्दी के कथा सम्राट् प्रेमचंद की 144 वीं जयंती 31 जुलाई, 2025 को बीत चुकी। वे मुंशी प्रेमचंद थे या प्रेमचंद , यह प्रश्न विवादित है। इस संदर्भ में हिन्दी साहित्यकार और प्रोफेसर डॉ. सम्राट् सुधा ने एक भेंट में बताया कि यह सुस्पष्ट है कि प्रेमचंद का सही नाम प्रेमचंद ही लिखा […]
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तुलसीदास : रामकथा के जनसुलभ प्रस्तोता
* डॉ. सम्राट् सुधा किंवदंतियों के अनुसार, बारह महीने तक माता के गर्भ में रहने वाले तुलसी ने जन्म लेते ही राम-नाम का उच्चारण किया था। रामकथा को बनाया जनसुलभ ————– प्रभु श्रीराम की कथा को जन-सुलभ बनाने के लिए तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना की। इसके माध्यम से उन्होंने संपूर्ण […]
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