कविता
डॉक्टर श्रीरंजन सूरिदेव
सरस्वती सारस्वत वरद पुत्र को, मेरा शत _शत नमन । आपने साहित्य से अगाध प्यार कर , किया साहित्य सृजन । साहित्य सृजित कर, किया नाम रोशन । साहित्य जगत में , आपकी प्रतिभा थी, विलक्षण । आपका नाम गूंजता कण_कण, आपथे सफल, विद्वतजन । आपके प्रशंसक थे , सकल पाठकगण। श्रीरंजन थे , […]
Read More
रामधारी सिंह दिनकर
विधा – छन्दमुक्त “””””””””””””””””””” राज्य बिहार जिला मुंगेर, ग्राम सिमरिया में जन्मे । 30 सितम्बर 1908 को, रविसिंह-मनरूप देवी के घर में ।। रामधारी सिंह दिनकर, राष्ट्रकवि दिनकर सदृश थे । गद्य-पद्य में सिद्ध महारथ, पढ़ने को सब लोग विवश थे ।। था ‘विजय सन्देश’ पहला, काव्य संग्रह आपका । आलोचना ‘मिट्टी की ओर’,’शुद्ध कविता […]
Read More
शांति शिरोमणि तुलसीदास
भारतीय साहित्य गगन के चन्द्र काव्य जगत के आप हैं हास। वंदनीय हे शांति शिरोमणि नमो भक्त कवि तुलसीदास । बांदा जिला ग्राम राजापुर आपसे हुआ समुन्नत भाल। मां हुलसी के पुत्र महाकवि आत्माराम पिता के लाल। भारत के अभिमान जगत के आप हैं कवि उज्ज्वल आदर्श। नत मस्तक हो विश्व कह रहा धन्य […]
Read More
शिव स्तुति
शिव की महिमा का है चमत्कार। उन्होंने बनाया बहुत बड़ा संसार। ये हैं अग्रगण्य त्रिपुरारी। ये तांडव नृत्य करते हैं भयहारी। इनकी डमरू बोलती डम_डम_डम। इनके भक्त नाचते छम_छम_छम। भोला खाते भांग _धतूरा। ये कल्याण करते पूरा_पूरा। इनको भाते हैं अकोन, कनेर, धतूरा के फूल। जो उनकी पूजा के लिए है मूल। औढरदानी का […]
Read More
गुरु -शिष्य
गुरु होते हैं मार्गदर्शक शिष्यों के लिए आकर्षक। गुरु देते शिष्यों को शिक्षा शिष्य भी करते गुरु की रक्षा। गुरु _शिष्य के रिश्ते हैं अनमोल इनके होते हैं सुन्दर बोल। दोनों होते हैं महत्वपूर्ण ये दोनों होते हैं पूर्ण। गुरु_शिष्य करते भारत का कल्याण जिससे भारतवर्ष बना रहेगा महान। गुरु का होता यशोगान शिष्य […]
Read More
दुर्गेश मोहन की दो कविताएं
सदृश पुत्री का अवतरण रागिनी की आंखों के तारे विकास की है प्यारी। सम्पूर्ण दुनिया है इसकी ये हैं सबकी न्यारी। मेरी सदृश प्यारी पुत्री का 14 नवंबर को हुआ है अवतरण। इसे प्यार है भारतमाता से कण _,कण। आरज़ू के जन्म से सभी हुए हर्षित। अपना सम्पूर्ण परिवार भास्कर सदृश हुआ उदित। […]
Read More
रक्षाबंधन
रक्षाबंधन का अनमोल त्योहार भाई_बहन का अटूट प्यार। भाई_बहन के रिश्ते का यह है अनुपम उपहार। यह पर्व श्रावण मास के पूर्णिमा को मनाया जाता। इसमें लोग अवश्य सुख_प्रेम है पाता। बहन भाई को बांधती रक्षा सूत्र यह होता अद्भुत और पवित्र। इस पावन अवसर पर यह मनाया जाता सर्वत्र। बहन भाई के जीवन […]
Read More
गुड़िया
गुड़िया मेरी गुड़िया हंसना, कभी ना तुम रोना । पापा _मम्मी की हो प्यारी, गुरुजन की हो राज दुलारी। सबकी कहना मानना , अच्छी बातें सीखना। मेरी गुड़िया हंसना, कभी ना तुम रोना। गुड़िया पढ़ी और पढ़ कर , वह की समाज का कल्याण। समाज आगे बढ़ा , गुड़िया बनी महान। मेरी गुड़िया हंसना , […]
Read More
विश्वनाथ शुक्ल ‘चंचल’
चंचल जी पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर इनके व्यवहार थे उत्तम । इन्होंने पत्रकारिता का बढ़ाया मान इसे बनाया सर्वोत्तम । इनके पिता थे श्रीनाथ ये थे विश्वनाथ । चंचल जी ने साहित्य को कभी न होने दिया अनाथ। इनकी लेखनी थी अविरल पाठकों को दिया ज्ञान । ये पत्रकारिता में बनाई विशिष्ट पहचान । […]
Read More
गांधी जयंती के अवसर पर
बाल-कविता महात्मा का स्मरण भारत माता ने महानतम पुत्र अनेक जने हैं। ‘बापू’ पद के अधिकारी बस मोहनदास बने हैं।। हम सब उनको आज महात्मा गांधी कहते हैं। भारत के जन गण के मन में सचमुच रहते हैं।। वे अपने जीवन में सबको प्रेम सिखाते थे। सत्य, अहिंसा में निष्ठा का मार्ग दिखाते थे।। […]
Read More