साहित्य
गुड़िया
गुड़िया मेरी गुड़िया हंसना, कभी ना तुम रोना । पापा _मम्मी की हो प्यारी, गुरुजन की हो राज दुलारी। सबकी कहना मानना , अच्छी बातें सीखना। मेरी गुड़िया हंसना, कभी ना तुम रोना। गुड़िया पढ़ी और पढ़ कर , वह की समाज का कल्याण। समाज आगे बढ़ा , गुड़िया बनी महान। मेरी गुड़िया हंसना , […]
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विश्वनाथ शुक्ल ‘चंचल’
चंचल जी पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर इनके व्यवहार थे उत्तम । इन्होंने पत्रकारिता का बढ़ाया मान इसे बनाया सर्वोत्तम । इनके पिता थे श्रीनाथ ये थे विश्वनाथ । चंचल जी ने साहित्य को कभी न होने दिया अनाथ। इनकी लेखनी थी अविरल पाठकों को दिया ज्ञान । ये पत्रकारिता में बनाई विशिष्ट पहचान । […]
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धवन सहित तीन साहित्यकारों को मिला काव्य कलाधर सम्मान
पटना। विश्व शाक्त संघ की ओर से गांधी मैदान,पटना, बिहार स्थित आईएमए हॉल में शाक्त धर्म के सम्मान एवं विश्वव्यापी जन कल्याण के लिए शाक्त धर्म की जागरूकता एवं आवश्यकता पर चर्चा के लिये 51वां शाक्त सम्मेलन का आयोजन किया गया।इसका उद्घाटन संघ के प्रधानमंत्री एडवोकेट राजेन्द्र कुमार मिश्र ने किया। अध्यक्षीय उद्गार में […]
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पत्रकारिता के आधार स्तंभ : विश्वनाथ शुक्ल ‘चंचल‘
भारतीय साहित्य एवं पत्रकारिता को आभामंडित कर ज्ञान की ज्योति जलाने में कामयाब साहित्यकार थे -विश्वनाथ शुक्ल चंचल। इनसे पाठकगण प्रभावित होकर ज्ञानार्जन और मनोरंजन प्राप्त करते थे ।चंचल जी का जन्म 20 जून ,1936 में हाजीगंज ,पटना सिटी में हुआ था। इनके पिता का नाम श्रीनाथ शुक्ल था। विश्वनाथ शुक्ल ‘चंचल’ की शिक्षा […]
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दि ग्राम टुडे के नवरात्र स्पेशल फायकू विशेषांक का आनलाइन लोकार्पण
देहरादून। दि ग्राम टुडे के नवरात्र स्पेशल फायकू विशेषांक का आनलाइन लोकार्पण मुख्य अतिथि साहित्यकार अमन त्यागी, विशिष्ट अतिथि डॉ.अनिल शर्मा ‘अनिल’, सतेन्द्र शर्मा ‘तरंग’ और संपादक शिवेश्वर दत्त पाण्डेय ने किया। मुख्य अतिथि, फायकू के प्रवर्तक,अमन त्यागी ने कहा कि सहज और सरल ढंग से नौ शब्दों में अपनी बात कहने के लिए फायकू […]
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दो शब्द फायकू के लिए
अमन कुमार ‘त्यागी’ फायकू का प्रयोग ऐतिहासिक रूप से, उपनाम के लिए अथवा लोगों को समूहों में क्रमबद्ध करने के एक तरीके के रूप में विकसित हुआ है। व्यवसाय, मूल स्थान, कबीले संबद्धता, संरक्षण, माता-पिता, गोद लेने और यहां तक कि शारीरिक विशेषताओं के आधार पर भी फायकू लोगों की पहचान की जा सकती […]
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डाॅ. अनिल शर्मा ‘अनिल’ के 100 फायकू
1 ख़ुद बनाएं हैं हमने ये चाय पकौड़े, तुम्हारे लिये। 2 एक मिलन आस में सब काम छोड़ें तुम्हारे लिये। 3 साथ मिल जाए बस संग संग दौड़े तुम्हारे लिये। 4 थक गये मित्र तुम, तो मंगवाएं घोड़े तुम्हारे लिये। 5 अपनी भरपूर है व्यस्तता क्षण हैं थोड़े तुम्हारे लिये। 6 गुनगुनाओ मेरे संग […]
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सविता मिश्रा के 100 फायकू
1 कंप्यूटर कीबोर्ड बनते रहो स्कीम आई कई तुम्हारे लिये। 2 तुम भले भूले हमको हम जीते रहे तुम्हारे लिये। 3 तुमको ख़्वाबों में देखते बातें भी करते तुम्हारे लिये। 4 मत समझना पागल है याद में तेरी तुम्हारे लिये। 5 यदि मुस्करा रहे हैं हर मुस्कराहट नहीं तुम्हारे लिये। 6 नज़र नज़र का […]
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अमन कुमार त्यागी के 100 फायकू
1. गुनाहों की हर तरक़ीब मुझे आज़माने दो तुम्हारे लिये। 2. जमाने भर की दुआ तुम्हें देता हूं तुम्हारे लिये। 3. सच सबके सामने बोला और पिट गया तुम्हारे लिये। 4. रात दिन, दिन रात करता रहा काम तुम्हारे लिये। 5. यहां, वहां, जहां, तहां ख़ुद को ढूंढा तुम्हारे लिये। 6. तुम आओ ना […]
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रश्मि अभय के 100 फायकू
1 ज़िंदगी की सारी तमन्नाएं मेरी हर आरज़ू तुम्हारे लिये। 2 मेरा ये रूप शृंगार मेरा सजना संवरना तुम्हारे लिये। 3 ग़म से ना घबराना खुशियां मेरी सारी तुम्हारे लिये। 4 तुम मेरी पूरी क़िताब मैं एक पन्ना तुम्हारे लिये। 5 ज़िंदगी का रास्ता तुम मैं एक राही तुम्हारे लिये। 6 भूल जाओगे गर […]
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