Author: editor

News

चंदा मामा अब दूर के नही बस एक टूर के है : पी एम मोदी

भारत ने बुधवार 23 अगस्त को 6 बजकर 4 मिनट पर अंतरिक्ष जगत में एक नया इतिहास लिख दिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान 3 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जो एक अज्ञात क्षेत्र है जिसे पानी की बर्फ से समृद्ध माना जाता है पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग की।ऐसा […]

Read More
News

भारतीय प्रज्ञान परिषद की महिला, युवा, शोध आयामो को लेकर बैठके आयोजित

सहारनपुर, भारतीय प्रज्ञान परिषद (प्रज्ञा प्रवाह संबद्व) सहारनपुर में केंद की योजना एवं मंच की वैचारिकी को लेकर जिला और महानगर के प्रमुख कार्यकर्ताओं की महिला, युवा, शोध आयामो को लेकर अलग-अलग स्थानो पर तीन बैठके आयोजित हुई। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के क्षेत्रीय संयोजक मा. भगवती प्रसादजी का सभी कार्यकर्ताओं को सानिध्य […]

Read More
News

राजेन्द्र ओझा “शाला गौरव” सम्मान से सम्मानित

  श्री गुजराती शाला भवन,  देवेन्द्र नगर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राजेन्द्र ओझा को “शाला गौरव” सम्मान से सम्मानित किया गया। श्री गुजराती शिक्षण संघ द्वारा प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस पर दो ऐसे भूतपूर्व छात्रों का सम्मान किया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि हासिल की हो। ज्ञातव्य है कि राजेन्द्र ओझा […]

Read More
पत्रकारिता

‘त्रैमासिक निःशुल्क पत्रकारिता कोर्स’

पत्रकारिता उतनी सरल भी नहीं है जितनी कि लोग समझ लेते हैं। पत्रकारिता की अपनी सीमाएं, पीड़ाएं, चिंताएं और सरोकार होते हैं। पत्रकारिता और उसके हितों के प्रति भारतीय संविधान और सरकार लगभग मौन ही हैं। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चैथा स्तंभ कहकर लाॅलीपाॅप ही थमाया जाता है। पत्रकारिता को सभी राजनीतिक पार्टियां अपने लिए […]

Read More
कहानी

मुझे फोन कर देना

प्रवासी पंजाबी कहानी   मूल – रविंदर सिंह सोढी अनु – प्रो. नव संगीत सिंह शिफाली ने मोबाइल का अलार्म बंद कर दिया। शनिवार का का दिन था, इसीलिए वह देरी से उठी। कोरोना के कारण जब से उसने घर से आॅफिस का काम करना शुरू किया था, तब से वह सुबह देर से ही […]

Read More
व्यंग्य

सतयुग आ गया

  डाॅ. दलजीत कौर कल पड़ोसी प्रेमचंद जी ने बताया -सतयुग आ गया। जिस सतयुग की तलाश महापुरुषों को थी। जिस के लिए संत तपस्या कर रहे थे। जिसका वर्णन केवल धर्म-ग्रंथों में था। वह आ गया। आकाश साफ, नदियाँ नीली, जल, वायु, पृथ्वी प्रदूषण रहित हो गए। चिड़ियाँ लौट आईं हैं। जीव-जंतु खुशी से […]

Read More
पर्यटन

जौ अनाज भर जमीन और होती तो आज बिहार में होती काशी

भागलपुर जिला (बिहार) के कहलगांव अनुमंडल में विक्रमशिला बौद्ध महाविहार के निकट गंगातट पर स्थित बटेश्वर स्थान की प्रसिद्धि न सिर्फ अंगदेश बल्कि बिहार के एक महत्वपूर्ण शैवस्थल के रूप में रही है। यहाँ बटेश्वर पहाड़ी पर शिवस्वरूप बाबा बटेश्वर का मंदिर स्थित है जिनके प्रति लोगों की अगाध आस्था है। हमने पाया है कि […]

Read More
पर्यावरण

जान बची तो लाखों पाएं

निमिषा सिंह हमारा देश वैसे तो हर क्षेत्र में विकास के पथ पर अग्रसर है लेकिन फिर भी स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात से ही देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है जिसका प्रमुख कारण है जनसंख्या में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि। परिणाम धरती पर अत्यधिक दबाव, बेरोजगारी, अन्न की कमी ,संसाधनों की कमी और […]

Read More
व्यक्तित्व

हल्का होने का अहसास : मिलान कुंदेरा

श्रद्धांजलि लेख   प्रो. गोपाल शर्मा   “और जल्दी ही युवती सिसकी लेने के बजाय ज़ोर–ज़ोर से रोने लगी और वह यह करुणाजनक पुनरुक्ति दोहराती चली गई, ”मैं मैं हूँ, मैं मैं हूँ, मैं मैं हूँ ….” आज जब अचानक मिलान कुंदेरा के निधन का समाचार सुना तो उनकी एक कहानी के अनुवाद की ये अंतिम पंक्तियाँ याद […]

Read More
कविता

सिसक रही सदी लिखो कवि/आदित्य आजमी

    ग़ज़ल सिसक रही सदी लिखो कवि, सूख रही है नदी लिखो कवि! नेकी का तो पतन हो रहा है, बढ़ रही है बदी लिखो कवि! किसी दिन घर को गिरा देगी, ये बुनियादी नमी लिखो कवि! मंगल पर जाने की तैयारी है, कम पड़ती जमीं लिखो कवि! आधुनिकता के इस काल मे, गुम […]

Read More